राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
नई दिल्ली। लंबे समय से फरार खालिस्तानी आतंकी गुरजीत सिंह निज्जर साइप्रस (यूरोप) में छिपा हुआ था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी था।
एनआईए के अनुसार निज्जर को 22 दिसम्बर 20220 मंगलवार को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले एक आरोपी हरपाल सिंह के खिलाफ 2019 में आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 3 और 25 के तहत महाराष्ट्र पुलिस एक्ट, 1951 की धारा 37 और 135 और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि फरार आरोपित गुरजीत सिंह निज्जर इस केस का मुख्य साजिशकर्ता था। गुरजीत सिंह निज्जर, हरपाल सिंह और मोइन खान सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर सक्रिय थे और खालिस्तान के अलग राज्य के गठन के उद्देश्य से सिख आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए आपराधिक साजिश रच रहे थे।
एनआईए की जांच में मालूम हुआ कि अलग ‘खालिस्तान राज्य’ की साजिश के तहत आरोपित वीडियो और चित्र पोस्ट करते थे। इसके अलावा इनके साथ पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में एक दोषी अभियुक्त जगतार सिंह हवारा भी शामिल है। वह 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार के फोटो, वीडियो और प्रो-खालिस्तानी पोस्ट से संबंधित पेशेवरों के संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के साथ-साथ समान विचारधारा वाले सिख युवाओं और अन्य लोगों को भी खालिस्तान ‘आंदोलन’ में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के इरादे से पोस्ट करता रहा है।
उल्लेखनीय है कि मोइन खान 2013 से 2016 के दौरान तिहाड़ जेल में बंद था। इस दौरान खान ने जगतार सिंह हवारा के साथ संपर्क स्थापित किया और उसके साथ काम करने की बात की। बाद में साजिश के तहत आरोपित मोइन खान ने अपने फेसबुक अकाउंट से फेसबुक आईडी ‘खालिस्तानी जिन्दाबाद खालिस्तान’ के लिए फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। इस फेसबुक अकाउंट से जुड़कर मोइन खान, हरपाल सिंह और गुरजीत सिंह निज्जर के संपर्क में आया।
एनआईए के एक अधिकारी के मुताबिक निज्जर 2017 में भारत छोड़कर साइप्रस चला गया लेकिन वह सोशल मीडिया के माध्यम से मोइन खान को भारत में मुसलमानों और सिखों पर हुए अत्याचारों के बारे में चर्चा करके प्रेरित करता रहा। अंतत: उसे अलग ‘खालिस्तान राज्य’ की दिशा में काम करने के लिए राजी कर लिया। खान तैयार हो गया तो एक और साजिश के तहत निज्जर ने 2018 में उसे एक पिस्तौल और गोला-बारूद खरीदने के निर्देश दिए। जिससे उसके अपने नापाक मंसूबे पूरे हो सकें।
एनआईए को पता चला कि अब ये आतंकी एक बडी साजिश को अंजाम देने वाले हैं तो निज्जर के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी कर दिया गया। निज्जर 22 दिसम्बर को भारत आया। एनआईए उसकी टोह में पहले से लगा था। उसने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निज्जर के पहुंचते ही उसे हिरासत में ले लिया। पूछाताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच के लिए अब निज्जर को मुंबई ले जाया जाएगा।


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