लखनऊ। कृषि कानूनों के खिलाफ एक तरफ जहां आन्दोलन हो रहे हैं और किसानों को अपने हितों की चिन्ता सता रही है, वहीं योगी सरकार ने कोरोना संक्रमण काल और अन्य चुनौतियों के बावजूद गन्ना किसानों को बकाया भुगतान करने का काम तेजी से किया है। विगत साढ़े तीन वर्षों में सरकार ने किसानों को 1,12,829 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया है, जो आजादी के बाद से अभी तक का सर्वाधिक भुगतान है।
प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश कुमार राणा ने गुरुवार को बताया कि 2017 में जब प्रदेश में भाजपा सत्ता में आयी तो गन्ना किसानों की हालत बेहद खराब थी। पहले सत्ता पर काबिज रही सरकारों ने चीनी मिल मालिकों के साथ गठजोड़ करके अन्नदाताओं की बड़ी धनराशि को दबा रखा था। उन्होंने कहा कि इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद किसानों के पक्ष में फैसले लेना का काम शुरू किया गया और अन्नदाताओं का गन्ना का बकाया भुगतान किया गया।
उन्होंने कहा कि हमारी गन्ना समितियों में लगभग 67 लाख गन्ना किसान पंजीकृत हैं। विभाग 3.35 करोड़ परिवारों के साथ जुड़ा है। प्रदेश की कुल जीडीपी में गन्ना विभाग की हिस्सेदारी 8.45 प्रतिशत है और कृषि क्षेत्र की जीडीपी में 20.18 प्रतिशत है। देश में चीनी उत्पादन में उ.प्र. की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत है।


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