राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आज शनिवार को दो बैंकों के अलग-अलग मामले में अहमदाबाद, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर के 19 स्थानों पर छापे मारे। इनमें अहमदाबाद की एक कंपनी द्वारा 67.07 करोड़ रुपये और दूसरे मामले में दिल्ली की एक कंपनी द्वारा 64.78 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी करने का आरोप है। आरोपितों के ठिकाने की तलाशी में सीबीआई ने कई गुप्त दस्तावेज बरामद किए हैं।
सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौड़ ने बताया कि कृष्णा निटवेयर टेक्नोलॉजी लिमिटेड और इसके निदेशकों के कार्यालय व आवासीय परिसर में मुंबई और सिलवासा में 10 स्थानों पर तलाशी ली गई। ये छापे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर दर्ज मामले के आधार पर मारे गए हैं। कृष्णा निटवियर लि. सूती धागे, बुना हुआ कपड़ा और तैयार कपड़ों का निर्यात करती थी। आरोप है कि कृष्णा निटवियर टेक्नोलॉजी लिमिटेड, उसके निदेशकों, अज्ञात लोक सेवकों और अन्य कुछ लोगों ने 2011 से 2015 के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और एमसीबी की वापी शाखा के साथ कुल 67.07 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
दूसरा मामला दिल्ली और नोएडा स्थित मेसर्स अल्पाइन रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों, दो अन्य निजी कंपनियों, अज्ञात लोक सेवकों और अन्य लोगों के खिलाफ जुड़ा है। सीबीआई प्रवक्ता आरके गौड़ ने राष्ट्रीय जनमोर्चा से बताया कि पंजाब एंड सिंध बैंक की शिकायत पर इन आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपितों ने पंजाब एंड सिंध बैंक को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। अभी तक की जांच में 64.78 करोड़ रुपये की बैंक के फंड में हेराफेरी और धोखाधड़ी आदि करने का पता चला है। इसी सिलसिले में आज शनिवार को सीबीआई की टीम ने दिल्ली-एनसीआर में 9 स्थानों पर ऋण लेने वाली कंपनी सहित आरोपितों के कार्यालय और आवासीय परिसरों में तलाशी ली गई है। दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।


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