नई शिक्षा नीति को डॉ. मंजू गोयल ने बताया आधुनिक भारत की गीता

डॉ. कमलेश भारद्वाज/ राष्ट्रीय जनमोर्चा
– शम्भू दयाल पी.जी. महाविद्यालय में बीएड विभाग ने नई शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित की संगोष्ठी
गाजियाबाद। शम्भू दयाल पी.जी. महाविद्यालय में बीएड विभाग द्वारा सेमिनार हॉल में नई शिक्षा नीति 2020 पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्या डॉ मंजू गोयल ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने इस मौके पर नई शिक्षा निति के मुख्य पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए इसे आधुनिक भारत की गीता बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य 2030 तक स्कूली शिक्षा में शत-प्रतिशत जी.ई.आर. के साथ पूर्व विद्यालय से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा के सर्वभोमिकरण का लक्ष्य है I 10+2 के स्थान पर 5 + 3 + 3 + 4 स्कूली पाठ्यक्रम शुरू किया जाएंगे।
डॉ मंजू गोयल ने नई शिक्षा निति में शिक्षा के महत्व को समझाते हुए कहा कि इस निति में जी.डी.पी. का 6 प्रतिशत व्यय का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों के शरीर, मन व आत्मा के सर्वागीण विकास से है। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 को आधुनिक भारत की गीता की उपाधि दी है।
9 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम का प्रस्तुतिकरण विभाग प्रभारी डॉ मीनाक्षी गोयल, डॉ अनुराधा अग्रवाल और नविता शर्मा के निर्देशन में किया गया। बीएड विभाग के छात्र व अध्यापकों ने भी नई शिक्षा निति 2020 के विभिन्न बिंदुओं पर क्रमानुसार महत्वपूर्ण पहलुओं को स्पष्ट किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ मंजू गोयल, मुख्य अनुशासन अधिकारी डॉ अनिल चौहान, बीएड विभाग की अध्यक्ष मीनाक्षी गोयल एवं अनुराधा अग्रवाल, नविता शर्मा, डॉ नीरजा सिंह, निहारिका गर्ग, गरिमा बंसल आदि उपस्थित रहे ।

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