जितेन्द्र बच्चन
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक से 200 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी मामले में दो मामले दर्ज कर दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में आठ ठिकानों पर छापे मारे हैं। तलाशी में अहमदाबाद और गुरुग्राम में तलाशी के दौरान 42 लाख रुपये की नकदी के साथ विभिन्न देशों की मुद्राएं, बैंक लॉकरों की चाबियां और उनके ब्योरे, शेयर, म्यूचुअल फंड व अन्य निवेश से संबंधित कागजात बरामद हुए हैं।
सीबीआई प्रवक्ता आरके गौड़ ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि सीबीआई ने 2014-17 के दौरान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से 182 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के लिए अहमदाबाद की पावर लाइन निर्माण कंपनी अरकोन इंजिनकॉन लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वर्ष 2014-15 से 2016-17 की अवधि में आरोपितों ने साजिश के तहत स्वीकृत सीमा का इस्तेमाल कर उसे दूसरे खाते में डायवर्ट किया और बही-खातों में हेराफेरी कर फर्जी इनवायस व बिल के जरिये एसबीआई को 182.37 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। इसी मामले में सीबीआई ने अहमदाबाद (गुजरात) और गुरुग्राम (हरियाणा) में छापे मारे हैं। आरोपितों में मेसर्स आर्कॉन एंगिकन लि., चंद्रशेखर बालकृष्ण पांचाल, श्रीमती नेहाल चंद्रशेखर पांचाल, अजीत रैना, देवेन्द्र सिंह, सुनील मिश्रा व अन्य शामिल हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के प्रवक्ता आरसी जोशी के मुताबिक दूसरे मामले में सीबीआई ने इंडियन ओवरसीज बैंक की शिकायत पर दिल्ली के गोयल इंजीनियरिंग पॉलिमर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई की है। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने गलत सूचना और जाली दस्तावेज के जरिये बैंक से 42.72 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। इस मामले में भी कंपनी ने सहयोगी कंपनियों के साथ गलत लेन-देन से फंड ट्रांसफर किए हैं। इस मामले में दिल्ली में बुधवार को आरोपितों के तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इस मामले के आरोपितों में मेसर्स गोयल इंजीनियरिंग पॉलिमर प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली, पवन गोयल, उषा गोयल, सुश्री गुंजन गोयल, सेइजी इटगकी, योगी सकाई व अन्य शामिल हैं। सीबीआई दोनों मामलों की जांच कर रही है।


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