हर्ष ईएनटी हॉस्पिटल ने स्थापना दिवस पर किया 7 मरीजों का मुफ्त ऑपरेशन

एम मरीज का नि:शुल्क ऑपरेशन करते डॉ बीपी त्यागी और उनका सहयोगी

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। हर्ष ईएनटी क्लीनिक ने बुधवार को अपनी 25वीं और हर्ष ईएनटी हॉस्पिटल ने 11वीं वर्षगांठ बड़ी धूमधाम से मनाई। इस शुभ अवसर पर हर साल की तरह इस बार भी अस्पताल के डॉ बी.पी. त्यागी ने सभी तरह के सात मरीज़ों का फ्री ऑपरेशन किया। शहर के तमाम गणमान्यों ने अस्पताल को बधाई दी है।
7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस भी है। इसकी शुरुआत वर्ष 1950 से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। डॉ बी.पी. त्यागी ने इस मौके पर कहा कि दुनियाभर में लाखों की संख्या में लोग आज कई बड़ी बिमारियों से जूझ रहे हैं। इन बीमारियों में मलेरिया, हैजा, टीबी, पोलियो, कुष्ठ, कैंसर और एड्स जैसी घातक बीमारियां शामिल हैं। दुनियाभर के लोगों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए जागरूक करना ही इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हमें कोरोना महामारी से लड़ने पर ध्यान रखना चाहिए, जिसमें मास्क पहनना, नियमित रूप से हाथ धोना और अन्य नियमों का पालन करना शामिल है।
डॉ त्यागी ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से बताया कि हर्ष ईएनटी क्लीनिक पिछले 25 साल से काम कर रहा है। साथ ही हर्ष ईएनटी हॉस्पिटल ने पिछले 10 साल में सात हजार से ज़्यादा मरीज़ों का नि:शुल्क ऑपरेशन किया है। गाजियाबाद जेल में ऑपरेशन करने वाला संसार का यह पहला संस्थान है। इसके अलावा प्लाज़्मा थेरपी से बधिरता ठीक करने वाला भी यह संस्थान विश्व में पहला है।
डॉ त्यागी के अनुसार हर्ष ईएनटी हॉस्पिटल का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में तीन दर्ज हुआ है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी इसका नाम दर्ज है। उन्होंने बताया कि बिना चीरा लगाए कान का पर्दा बनाने की तकनीक का शुभारंभ किया और उस पर नेशनल कॉन्फ़्रेन्स भी कराई। इसके अलावा आर्मी वालों का फ़्री इलाज का शुभारंभ किया। ये सभी हर्ष ईएनटी हॉस्पिटल की विशेषताएं हैं।
डॉ ब्रजपाल सिंह त्यागी ने बताया कि 20 बेड के साथ हर्ष ईएनटी अस्पताल में अब लगातार कई सेवाएं 24 घंटे दी जा रही हैं। इनमें ईएनटी (नाक, कान और गला), कॉज़्मटॉलॉजी व लेज़र, दंत चिकित्सा विभाग, फिजीशियन, प्लास्टिक सर्जरी, हेड नेक कैन्सर सर्जरी, दूरबीन विधि से बिना चीरा लगाए कान के पर्दे का ऑपरेशन आदि शामिल हैं।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*