राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहे जितना दावा करें कि प्रदेश में कोरोना महामारी को लेकर सारे इंतजाम पुख्ता हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। शुक्रवार की देर रात राजनगर स्थित हर्ष ईएनटी हास्पिटल में ऑक्सीजन की कमी को लेकर अस्पताल में हड़कंप मच गया। ऑक्सीजन के महज चार सिलेंडर बचे थे जबकि मरीजों की संख्या अधिक है। सांसों पर संकट बढ़ गया। अस्पताल के निदेशक डॉ बीपी त्यागी ने रात करीब दो बजे जिला प्रशासन से बात की। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। बाद में तमाम जदोजहद के पश्चात 13 सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। इस बीच मरीजों की जान पर बन आई। वे परेशान हो उठे।
शनिवार, 01 मई की सुबह ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ ने हर्ष ईएनटी हास्पिटल से बात की तो पता चला कि वहां ऑक्सीजन की कमी अब भी बनी हुई है। यहां के डॉक्टरों के बताने-कहने के बावजूद जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। नोडल अधिकारी व एसडीएम विनय कुमार फोन नहीं उठाते। शुक्रवार की देर रात डॉ बीपी त्यागी ने उनसे जैसे-तैसे बात की और रात में ही ऑक्सीजन के 13 सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। लेकिन डॉ त्यागी का कहना है कि इससे काम नहीं चलने वाला। हालात बहुत खराब हैं। हम लगातार ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग कर रहे हैं। यदि समय से सिलेंडर नहीं मिले तो मरीजों की जान पर बन आएगी। ऑक्सीजन की आपूर्ति न होना इस समय बड़ी समस्या है। इसकी ज्यादा से ज्यादा व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे लोगों की जिंदगी बचाई जा सके। ऑक्सीजन सिलेंडर न मिलने पर हालात और बिगड़ सकते हैं।
उधर उत्तर प्रदेश में आज 18 साल के ऊपर के लोगों के वैक्सीनेशन की प्रकिया शुरू हो चुकी है लेकिन गाजियाबाद में यह शुरू नहीं हो सकी। जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे में गाजियाबाद के युवाओं को कोरोना वैक्सीन की डोज के लिए इंतजार करना पड़ेगा।


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