राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
उन्नाव। बांगरमऊ थाना पुलिस की हिरासत में सब्जी विक्रेता युवक की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शहर में और तनाव बढ़ गया है। पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने बताया है कि इस मामले में दो सिपाहियों और एक होमगार्ड के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इनमें से एक आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है, बाकी के दोनों पुलिसकर्मियों की तलाश जारी है। एक सिपाही विजय चौधरी को निलंबित कर दिया गया है और होमगार्ड सत्यप्रकाश की सेवा समाप्त कर दी गई है।
शुक्रवार, 21 मई की दोपहर करीब दो बजे का वाकया है। बांगरमऊ के मोहल्ला भटपुरी निवासी इस्लाम के 18 वर्षीय पुत्र फैसल ने कोरोना कर्फ्यू के दौरान घर के बाहर सब्जी की दुकान लगा रखी थी। पुलिस को पता चला तो वह आई और फैसल को बेरहमी से मारते-पीटते हुए अपने साथ उठा ले गई। इसके कुछ समय बाद फैसल की हालत बिगड़ी और पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई। युवक के भाई सुफियान और सलमान का आरोप है कि उन्होंने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक की मौजूदगी में दो सिपाहियों और एक होमगार्ड पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया था। लेकिन पहले पुलिस इस मामले में टाल-मटोल करती रही। बाद में जब शहर में सनसनी फैल गई और लोगों की भीड़ बढ़ने लगी।
एएसपी शशि शेखर ने पत्रकारों के सामने बयान दिया कि लॉकडाउन का पालन कराने हेतु एक व्यक्ति पुलिस थाने लाया गया था। जहां उसकी तबियत खराब हुई, जिसे तत्काल सीएचसी में भर्ती कराया गया था। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वादी की ओर से दी गई तहरीर पर दो आरक्षी और एक होमगार्ड को नामित करते हुए मामला दर्ज किया गया है। विवेचना जारी है। लेकिन इसके बाद भी परिजन हंगामा करते रहे। घटना को लेकर बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस के हाथ-पैर फूल आए। आखिरकार रात में ही डीएम रविद्र कुमार ने दो डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए।
रात करीब साढ़े तीन बजे जिला महिला अस्पताल के डॉ. अरविद कुमार आनंद और पुरुष अस्पताल के डॉ. कौशलेंद्र ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। शनिवार 22 मई की सुबह करीब पांच बजे पुलिस शव लेकर बांगरमऊ पहुंची और स्वजन के सिपुर्द कर दिया। दोपहर करीब 11 बजे परिजनों ने शव को सिपुर्दे खाक कर दिया। फैसल के परिवारवालों का कहना है कि पुलिस ने उसकी हत्या की है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ दफा 302 का मामला दर्ज किया जाए लेकिन पुलिस खामोश रही। अब आज इस मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पता चला कि फैसल के दाहिने कान के ऊपर सिर पर आई गंभीर चोट से उसकी मौत हुई। उसकी पीठ पर चोट के 14 चोट निशान मिले हैं। रिपोर्ट में यह निशान लाठी-डंडे से पीटे जाने की आशंका जताई गई है।
फैसल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दोपहर इंटरनेट मीडिया पर वायरल होते ही बांगरमऊ में एक बार फिर सनसनी बढ़ गई। साथ ही बांगरमऊ थाने के कुछ सीसीटीवी फुटेज सामने आ गए, जिससे हकीकत देखकर लोग आक्रोशित होने लगे। पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी। पूरे समय एसडीएम दिनेश कुमार सिंह, एएसपी शशि शेखर सिंह, सीओ आशुतोष कुमार पूरे दिन बांगरमऊ में ही डेरा जमाए रहे। तब भी मामला ठंडा नहीं पड़ा तो एसपी आनंद कुलकर्णी के निर्देश पर इस मामले को हत्या में दर्ज कर एक सिपाही विजय चौधरी को निलंबित कर दिया गया है और होमगार्ड सत्यप्रकाश की सेवा समाप्त कर दी गई है। लेकिन इसके बाद भी बांगरमऊ में इस मामले को लेकर तनाव बना हुआ है। मामले की जांच एसएचओ जितेंद्र सिंह कर रहे हैं।
लोगों अब इस पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि थाना कोतवाली बांगरमऊ के इंस्पेक्टर इस मामले का आरोपी है और एक दूसरे इंस्पेक्टर को जांच दे दी गई है। ऐसे में निष्पक्ष विवेचना होगी, यह संदेह के घेरे में है। ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ ने इस संबंध में एसपी (उन्नाव) आनंद कुलकर्णी से बात की तो उन्होंने बताया कि अब इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौप दी गई है। जो भी इस मामले में दोषी मिलेगा, उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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