राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष चेतन त्यागी ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गत पंचायत चुनाव के दौरान शिक्षकों की गैर इरादतन हत्या की है। त्यागी ने कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान लगभग डेढ़ हजार शिक्षक संक्रमित हुए और उन सभी की मौत हो चुकी है। इसकी जिम्मेदारी अब प्रदेश सरकार लेने से इंकार कर रही है। ऐसे में आम आदमी पार्टी मांग करती है कि चुनाव ड्यूटी में संक्रमित होकर दम तोड़ने वाले शिक्षकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी के साथ-साथ एक करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जाए।
त्यागी ने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है। वहां कोरोना संक्रमित होने के बाद मृतक शिक्षकों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि दिल्ली में पंचायत चुनाव आदि ऐसी कोई गतिविधि नहीं की गई। बड़ी बात यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उन दिनों पंचायत चुनाव पर रोक नहीं लगाई। जब कोविड-19 संक्रमण का कहर दूसरी लहर के रूप में मौत बांट रही थी। ऐसे में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाकर एक तरह से मौत के मुंह में झोंक दिया था।
गाजियाबाद विधानसभा अध्यक्ष मुकेश प्रजापति ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। कोरोना के कहर से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने कुछ नहीं किया, केवल और केवल मीडिया के माध्यम से और फर्जी आंकड़ों के सहारे अपनी पीठ थपथपा रही है। पत्रकार वार्ता में पार्टी के विजय शर्मा, कल्पना वर्मा, चेतन त्यागी, मुकेश प्रजापति एवं मनोज त्यागी आदि मौजूद रहे।


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