राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाज़ियाबाद। प्रदेश में पत्रकारों पर लगातार जानलेवा हमले हो रहे हैं। कई पत्रकार अब तक विभिन्न समाचारों के कवरेज के बाद माफिया का निशाना बन चुके हैं। ताजा मामला प्रतापगढ़ का है जहां एबीपी गंगा न्यूज़ चैनल के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की हत्या कर दी गई। कटरा रोड स्थित एक ईंट भट्ठे के पास उनका रविवार की देर रात अर्धनग्न शव मिला है। हत्या से पहले सुलभ ने 12 जून को शराब माफिया से एडीजी जोन प्रयागराज को पत्र लिखकर अपनी हत्या होने की आशंका जतायी थी और सुरक्षा की मांग की थी। आज सोमवार को इसी मामले में गाजियाबाद पत्रकार संघ ने डीएम को एक ज्ञापन देकर जांबाज पत्रकार स्वर्गीय सुलभ श्रीवास्तव की हत्या के दोषियों और लापरवाह पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सरकार से कहा है कि पत्रकार के आश्रितों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता एवं किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए।
गाजियाबाद पत्रकार संघ ने कहा है कि कुछ समय पहले गाजियाबाद के भी एक पत्रकार विक्रम जोशी को माफिया ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई पत्रकार निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करने के कारण अपराधियों के निशाना बन चुके हैं। ऐसे में स्थिति बेहद चिंतनीय है, जिसकी ओर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। इस मौके पर जिले के वरिष्ठ पत्रकार अशोक ओझा, अध्यक्ष अनुज चौधरी, अजय औदिच्य, अशोक कौशिक, रवि अरोड़ा, एसपी सिंह, अनुराग चड्ढा, कपिल त्यागी, लोकेश राय, दीपक भाटी, संदीप सिंघल, दीपक चौधरी, प्रवीण अरोड़ा, शक्ति सिंह, अशोक निर्माण, फरमान अली, सोनू अरोड़ा, रोहित सिंह, पिंटू तोमर, यादराम भाटी, सचिन, फोटो ग्राफर नरेश बबली, तोषिक कर्दम, जितेंद्र चौधरी,
उस्मान सैफी, शाबाज़ खान, वरुण लोहारिया, हरि सिंह आदि पत्रकार उपस्थित रहे।


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