खालिद चौधरी/राष्ट्रीय जनमोर्चा
गाजियाबाद। मसूरी थाना क्षेत्र के डासना देहात में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जमीन माफिया ने साजिश के तहत दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे परियोजना में किसी और की भूमि को अधिग्रहित दर्शाकर फर्जी कागजातों के आधार पर एनएचएआई से 26 लाख 94 हजार 553 रुपये का मुआवजा हड़प लिया। हैरानी इस बात की है कि जिस खसरा नंबर की भूमि का आंशिक भाग परियोजना में अर्जित दिखाया गया, वह भूमि अधिग्रहित हुई ही नहीं। वह जमीन आज भी हाईवे से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है। मामले की जानकारी होने पर संबंधित किसान ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर माफिया से मुआवजे की धनराशि वापस कराकर उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
डासना मसूरी निवासी मोहम्मद यामीन ने बताया कि उसकी कृषि भूमि खाता संख्या 0.3499 खसरा नंबर 913 रकबा 0.4300 दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है। उक्त भूमि उसकी मां सुगरा के नाम थी। 15 अक्टूबर 2015 को सुगरा का निधन हो गया। उसके बाद 5 नवम्बर 2015 को खसरा-खतौनी में मोहम्मद यामीन का नाम दर्ज हो गया, जो आज तक मालिक काबिज है। यामीन ने बताया कि 12 फरवरी 2021 को उसने तहसील से खतौनी और 23 मार्च 2021 को अर्जन विभाग से अर्जित भूमि की नकल ली, तब पता चला कि उसकी खसरा नंबर 913 रकबा .4300 के आंशिक भाग रकबा 624. 63 वर्ग मीटर भूमि को परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे ने अर्जित किया है, जिसका आदेश संख्या वन सन 2015 में अपर जिलाधिकारी (भू,अ) के द्वारा दो मार्च 2015 को पारित आदेश के आधार पर अर्जित भूमि का 26 लाख 94 हजार 553 रुपए चेक संख्या 866328 से प्रतिकर के रूप में फर्जी सुगरा बनाकर दीन मोहम्मद दीनू, जरीना बानो, साबरा बेगम, इदरीश पुत्र यूसुफ, हाजी इमरान पुत्र फत्तन खां, अखलाक पुत्र ममरेज निवासी कल्लू गढ़ी मसूरी ने साजिश के तहत उठा लिए। यही नहीं उक्त धनराशि सुगरा के खाते में जमा कराकर उसी दिन अपने खातों में ट्रांसफर करा लिया।
यामीन का आरोप है कि उक्त साजिश में विभागीय संबंधित लेखपाल व कार्यालय लिपिक के अलावा कई अन्य लोगों की संलिप्तता है। जिन्होंने एक षड्यंत्र के तहत उस भूमि का मुआवजा उठाया जो हाईवे में गई ही नहीं। उन्होंने बताया कि उक्त माफिया के विरुद्ध पूर्व में भी कवि नगर थाने में अपराध संख्या 1586/ 17, 16 अक्टूबर 2017 को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में उक्त माफिया कई महीने जेल में भी रहा। मो यामीन ने उच्चाधिकारियों तथा परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में शिकायत कर फर्जी तरीके से मुआवजा उठाने वालों से पूरी रकम मय ब्याज के वापस लेने व मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही परिवहन एवं राजमार्ग में अर्जित दर्शाई गई खसरा नंबर 913 की आंशिक भूमि 624.63 वर्ग मीटर भूमि को अधिग्रहण से बंधन मुक्त करने की भी मांग की है।


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