राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। जिले के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार ने चार्ज संभालने के बाद आज पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया संपर्क का एक बेहतर माध्यम है, लेकिन वह सोशल प्लेटफार्म से ज्यादा फील्ड में रहकर काम करना पसंद करते हैं। गाजियाबाद में भी उनकी यही कार्यशैली रहेगी। क्षेत्र में जाकर उनकी समस्याओं को जानेंगे और उनका समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। नए कप्तान पवन कुमार ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता होगी कानून व्यवस्था बनाए रखना। कानून के दायरे में बदमाशों को उनके अंजाम तक पहुंचाना एवं फरियादी की पीड़ा सुनकर उनको इंसाफ दिलाना ही उनका मकसद है।
एसएसपी पवन कुमार ने कहा कि क्राइम कंट्रोल, पीड़ितों की शिकायत का त्वरित समाधान और महिला सुरक्षा उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा। बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित होंगे तो लापरवाह पुलिसकर्मियों को खामियाजा भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि आमतौर पर कुछ लोग केस लिखाने व विपक्षी को जेल भिजवाने के लिए पुलिस पर अनावश्यक दबाव डालते हैं या सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं। निर्दोष को किसी भी सूरत में जेल नहीं भेजा जाएगा और अनावश्यक दबाव डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनसे पहले गाजियाबाद में तैनात अधिकारियों ने बेहतर काम किया है। वह जिले केवर्तमान अधिकारियों के साथ बैठक कर गाजियाबाद जिले के माहौल की समीक्षा करेंगे। उसी के आधार पर समीक्षा की जाएगी।
2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं
मूलरूप से राजस्थान केहनुमानगढ़ जिले के रहने वाले पवन कुमार 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनका कहना है कि उनका पैतृक कार्य खेती है। आईपीएस की नौकरी दूसरे नंबर पर आती है। वह गाजियाबाद से पहले मुरादाबाद में एसएसपी थे। इसके अलावा जौनपुर, शामली, चित्रकूट, सीतापुर, उन्नाव जिले के कप्तान रह चुके हैं। इसके अलावा वह एसपी विजिलेंस व पुलिस मुख्यालय पर एसपी कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। पीएसी में कमांडेंट के तौर पर भी उन्होंने सेवा दी है।


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