राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। एसएससी जीडी 2018 भर्ती में सभी चरण सीबीटी, पीडीपी व एसएसटी में शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने के बावजूद अंतिम सूची से तमाम अभ्यार्थियों को बाहर कर दिया गया। इसके विरोध में ये उम्मीदवार इसे भ्रष्टाचार बताते हुए जंतर मंतर पर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी सिलसिले में एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुल शर्मा के निर्देश पर जिला निदेशक पंजाबी बाग अजय कुमार और कार्यकारी सदस्य मंगोलपुरी दिल्ली तरुण कुमार ने आंदोलनरत अभ्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें पूर्ण सहयोग देने की बात कही।
अजय कुमार ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ से बातचीत करते हुए बताया कि जो छात्र-छात्राएं आंदोलनरत हैं, वे योग्य होते हुए भी अपात्र हैं। यह बात गले के नीचे नहीं उतरती। यह भ्रष्टाचार है। तीन साल लंबे इंतजार के बाद देश सेवा करने का उनका सपना तोड़ दिया गया, इसी किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता है। अजय का कहना है कि एसएससी जीडी 2018 के भर्ती के तहत 60210 पदों पर भर्तियां निकली थीं, लेकिन 55000 को ही अंतिम चरण की सूची में शामिल किया गया।
एक अन्य जानकारी के मुताबिक गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में बयान दिया था कि अर्धसैनिक बलों में 111000 पदों पर रिक्तियां हैं, जबकि अर्धसैनिक बल में जाने की योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों की संख्या 109000 है। आंदोलनरत छात्र-छात्राएं कहते हैं, इसके बावजूद सरकार ने एसएससी जीडी बोर्ड की भर्ती होने में उन सभी का सपना तोड़ दिया। मेरिट बढ़ाने के सहारे उन्हें बाहर कर दिया गया। जबकि हम सभी में वह योग्यताएं हैं जो एक अर्धसैनिक बल में जाने के लिए चाहिए।
आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं का कहना है कि हम सभी मध्यमवर्ग परिवार से आते हैं। ऐसे 55000 उम्मीदवार चयनित हुए हैं, नियुक्ति के समय इनमें से मुश्किल से 35000 ही उपस्थित हुए हैं, अतः 109000 सभी योग्य उम्मीदवारों को जॉइनिंग दे दी जाए तो भी नियुक्ति के समय उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों का औसत लगभग 60,000 ही हो पाएगा जिससे नई भर्ती 2021 की भर्ती पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अगर सभी योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति मिल जाए तो फैसला सभी के हित में होगा। क्योंकि बीते दिनों में कोविड-19 की वजह से सभी की अपनी उम्र ज्यादा हो गई है, जिससे हम सभी अगली भर्ती के लिए पात्र नहीं हुए और 2018 एसएससी जीडी की भर्ती में नॉर्मलाइजेशन के तहत जिसके नंबर अधिक थे, उसे जॉब ना देकर, कम नंबर वालों के नंबर बढ़ा दिए गए। उन्हें जॉब दे दी गई।
एंटी करप्शन इंटरनेशनल काउंसिल के अजय कुमार का कहना है कि इसके अलावा कोरोना काल में मेडिकल परीक्षा में भी कई प्रकार की धांधली सामने आई है, अतः सरकार से मांग है कि सभी मेडिकल फिट उम्मीदवारों को भर्ती में शामिल किया जाए।


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