राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो चीफ
अमेठी। पिछले कुछ दिनों से बढ़ी हलचल बताती है कि कांग्रेस यहां 2019 में मिली हार की ‘स्मृति’ को धूमिल करना चाहती है। इसके लिए 2022 में अमेठी के रास्ते यूपी साधने की तैयारी में प्रदेश प्रभारी प्रियंका वाड्रा व उनकी टीम जी-जान से जुटी है। उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव अशोक सिंह हिटलर कहते हैं, प्रियंका जी अमेठी से चुनाव लड़कर पूरे उतर प्रदेश में अच्छा परिणाम दे सकती हैं। अमेठी की जनता प्रियंका गांधी की ओर निगाह लगाए बैठी है और यह समय की मांग भी है।
हिटलर कहते हैं, आज प्रदेश की जनता हर तरफ से बेहाल है, इसलिए प्रियंका वाड्रा का चुनाव में उतरना कांग्रेस और प्रदेश के हित में होगा। वह यह भी दावा करते हैं कि अगर प्रियंका गांधी वाड्रा अमेठी से चुनाव लड़ती हैं तो भाजपा बैकफुट पर होगी।
फिलहाल, प्रदेश में इस बार 7 चरणों में मतदान होगा। वोटों की गिनती 10 मार्च को की जाएगी। अमेठी में कुल 3 विधानसभा सीटें हैं। यहां पांचवें चरण के तहत 27 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। एक फरवरी से आठ फरवरी तक प्रत्याशी कोविड़ गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही नामांकन पत्र खरीद सकेंगे। 9 फरवरी को नाम निर्देशन पत्रों की जांच होगी और 11 फरवरी तक नाम निर्देशन पत्रों की वापसी चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया रिटर्निंग ऑफिसर पूरी करेंगे। एडीएम न्यायिक राजकुमार द्विवेदी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार नामांकन प्रक्रिया पूरी कराए जाने के लिए गौरीगंज विधानसभा के लिए एसडीएम सविता यादव को आरओ व तहसीलदार बीडीओ को एआरओ बनाया गया है।
उल्लेखनीय है कि जिले में जगदीशपुर, गौरीगंज और अमेठी विधानसभा सीटें हैं। इनमें जगदीशपुर और अमेठी पर बीजेपी ओर गौरीगंज पर सपा का कब्जाे है। अमेठी विधानसभा सीट पर पिछले तीन दशक में बदलते चुनावी समीकरण पर गौर करें तो साफ हो जाएगा कि भाजपा का यहां दबदबा रहा है। हालांकि, लोगों का मिजाज लगातार बदलाव वाला रहा है। वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर अमिता सिंह ने जीत दर्ज की। वे दो बार जीत दर्ज करने में सफल रहीं, लेकिन अगल-अलग पार्टियों से। लेकिन उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव अशोक सिंह हिटलर अमेठी से राहुल और प्रियंका परिवार का रिश्ता मानते हैं। वह यह भी कहते हैं, परिवार से कोई कभी दूर कैसे रह सकता है। प्रियंका यहां से लड़ेंगी तो उनकी जीत तय है।


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