विजय शंकर/राष्ट्रीय जनमोर्चा
पटना। पद्मश्री डॉक्टर शैलेंद्रनाथ श्रीवास्तव के पुत्र व एसबीआई के उप महाप्रबंधक पारिजात सौरभ ने अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की सहाय सदन में हुई बैठक में कहा कि कायस्थ समाज ने हर क्षेत्र में बहुत कुछ दिया है, चाहे वह राजनीति का क्षेत्र हो या सामाजिकता का क्षेत्र। मगर कायस्थ समाज के उन महापुरुषों को वह तरजीह नहीं मिलती जिसके वे हक़दार हैं। इसलिए जरूरी है कि कायस्थ महासभा अपने बुजुर्गों, समाज के महापुरुषों को याद करे और हमेशा कार्यक्रमों के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दे ताकि समाज की नई पीढ़ी, समाज के युवाओं-तरुणों को अपने पूर्वजों के बारे में जानकारी मिल सके और वह प्रेरित होकर आगे बढ़ सकें। इसके लिए कैलेण्डर बनाकर, कभी निबंध, कभी प्रतियोगिता तो कभी पेंटिंग या फिर जयंती-पुण्यतिथि का आयोजन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनके पिता शैलेन्द्रनाथ श्रीवास्तव ने पटना सीट से जब पहली बार जीत दर्ज की थी तो उससे पहले यह सीट दूसरे गैर भाजपा दलों और अन्य समाज के कोटे की सीट बन चुकी थी। मगर उनके पिता ने भाजपा के बैनर तले यह सीट जीतकर कायस्थ समाज को एक मजबूत जनप्रतिनिधि दिया और साथ ही कई बार जीतकर उन्होंने साबित कर दिया कि पटना की सीट अब भाजपा की होगी और दूसरा किसी समाज का प्रतिनिधित्व इस सीट से नहीं हो पाएगा। उन्होंने बताया कि उनके पिता ऐसे राजनेता थे जो हर घर के लोगों को पहचानते थे। उनके साथ उठते-बैठते थे, अपनापन दिखाते थे और यही उनकी सफलता का राज भी था।
मंगलवार को कायस्थ महासभा की सहाय सदन में हुई बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिन्हा ने की। अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने कहा कि पद्मश्री डॉक्टर शैलेंद्रनाथ श्रीवास्तव हिंदी साहित्य के बट वृक्ष थे। वे न सिर्फ बिहार में बल्कि पूरे देश में सम्मान पाते थे। उन्होंने राज खोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी के अनेक भाषणों की ड्राफ्टिंग पद्मश्री डॉक्टर शैलेंद्रनाथ श्रीवास्तव की ही होती थी। महासभा की बैठक में पद्मश्री डॉक्टर शैलेंद्र नाथ श्रीवास्तव स्मारक न्यास के तत्वावधान में 27 मार्च को बिहार विधान परिषद के उप भवन सभागार में होने वाले कार्यक्रम की चर्चा की गई और उसे सफल बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में विषय प्रवेश सुनील कुमार सिन्हा ने किया, जबकि मनहर कृष्ण अतुल, अमरेश प्रसाद, विजय शंकर, श्वेता श्रीवास्तव, विनय कुमार सिन्हा उर्फ़ पल्लू, नीता सिन्हा, अविनाश कुमार सिन्हा, संगीता सिन्हा आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। धन्यवाद ज्ञापन अजय कुमार सिन्हा ने किया। इस मौके पर आनंद प्रसाद, अभिषेक आनंद, अमित कुमार वर्मा, संजीव कुमार अम्बष्ठ, चंचला सिन्हा, माला सिन्हा, नित्यकिरण, डिम्पल सिन्हा, सुनील श्रीवास्तव और अभय कुमार आदि शामिल थे।


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