वरिष्ठ पत्रकार विक्रमादित्य का निधन, अभावों में गुजरे अंतिम दिन

सुशील शर्मा/राष्ट्रीय जनमोर्चा
गाजियाबाद। लगभग 80 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार श्री विक्रमादित्य जी का सोमवार की प्रातः 8:30 बजे निधन हो गया। विक्रम जी मूलत: बांदा के रहने वाले थे, किन्तु इन दिनों वृद्धाश्रम ‘आंगन और आंचल’ में रह रहे थे। वरिष्ठ पत्रकार सुभाष अखिल ने बताया कि दो वर्ष पूर्व पत्रकार मित्र अमरेंद्र राय ने उन्हें सूचित किया था कि विक्रम जी बहुत दयनीय अवस्था में स्थानीय ‘दैनिक हिंट’ के बारामदे में रह रहे थे। ‘हिंट’ बिकने के कारण वे वहां अनुपयोगी हो गये थे। आजीविका या मदद के सभी साधन समाप्त हो चुके थे। तब उन्हें मैं यहाँ वृद्धालय में ले आया था। ‘आंगन और आंचल’ की ओर से श्रीमती सुदर्शना व रेणुका सहित सभी सहयोगियों ने अंतिम समय तक उनकी बहुत सेवा की।
विक्रमादित्य इससे पहले झांसी में अपना अखबार निकाला करते थे। लखनऊ में भी बहुत दिनों तक पत्रकारिता की। उसके पश्चात अहमदाबाद में ‘वाइस ऑफ अमेरिका’ के संवाददाता हो गये। वहां से सेवानिवृत्त हुए तो गाजियाबाद चले आए। यहां पूर्व मेयर स्व. दिनेश चंद्र गर्ग और उनके बाद पूर्व मंत्री अतुल गर्ग के संरक्षण में रहे। इन्हीं के मार्फत वे ‘हिंट’ के संस्थापक कमल शेखरी के संपर्क में आये थे तथा कमल जी ने भी अपनी क्षमता-भर उनकी बहुत सहायता की।
विक्रमादित्य की पत्नी का निधन काफी पहले ही हो गया था। एक पुत्री, जो आई.आर.एस. अधिकारी थीं, वह एक अन्य आई.आर.एस. अधिकारी से विवाह करके जर्मनी में बस गईं थीं। वे चाहती थीं कि विक्रम जी उनके पास आ जाएं, किन्तु उनके स्वाभिमान ने यह स्वीकार नहीं किया। बाद में विक्रम जी ने बताया कि उनका भी निधन हो गया। वे अपने परिवार या परिजनों के बारे में बात करना पसंद नहीं करते थे।
वे काफी समय से बीमार चल रहे थे और उन्होंने यह इच्छा जाहिर की थी कि मेरे न रहने पर, मेरी देह को ‘दधीच’ (भारत विकास परिषद से संबद्ध) संस्थान को दान कर दिया जाए। उनकी इच्छा के अनुसार ‘आंगन और आंचल’ वृद्धालय की ओर से उनका पार्थिव शरीर GIMS (गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) उत्तर प्रदेश को दान कर दिया गया। उन्होंने नेत्रदान के लिए भी कहा था, अतः AIIMS के चिकित्सक, किसी अन्य को दृष्टि देने के लिए उनके नेत्र सुरक्षित ले गये।
हम सभी हृदय से उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। राष्ट्रीय जनमोर्चा परिवार भी उनके प्रति विनम्र श्रद्धांजिल अर्पित करता है।

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