राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाज़ियाबाद। प्रताप विहार स्थित मेधा हॉस्पिटल में गुरुवार को ‘वर्ल्ड फिजियो थैरेपी-डे’ मनाया गया। इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉ प्रदीप वार्ष्णेय (ऑर्थोपेडिक सर्जन) और फिजियोथैरेपिस्ट डॉ मुईन अखलाक ने संयुक्त रूप से केक काटकर सभी डॉक्टर्स और स्टाफ को वितरित किया। डॉ प्रदीप वार्ष्णेय ने सभी को ‘वर्ल्ड फिजियो थैरेपी-डे’ की बधाई दी।
उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी चिकित्सा विज्ञान की ऐसी पवित्र प्रणाली है जिसकी सहायता से अनेक रोगों का निदान और उपचार संभव होता है। डॉ प्रदीप वार्ष्णेय ने इस मौके पर सभी को फिजियोथैरेपी अपनाने की सलाह देते हुए इसके प्रति जागरूकता लाने का भी संकल्प दिलाया।
उल्लेखनीय है कि बिना दवा लिए या ऑपरेट किए मानसिक तनाव, घुटने और पीठ दर्द जैसी कई समस्या से बचने या निपटने के लिए फिजियोथेरेपी एक इफेक्टिव तरीका है। कलाई, कंधे, घुटनों या कोहनी के दर्द के साथ-साथ गर्दन के दर्द को भी फिजियोथेरेपी से दूर किया जा सकता है। ऐसे में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में थेरेपी दी जाती है। लोग दवाइयों के झंझट से बचने के लिए फिजियोथैरेपी का रुख कर रहे हैं और ये हड्डियों के दर्द में भी काफी कारगर है। खुद डॉ प्रदीप वार्ष्णेय इस विधी से बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने सभी फिजियोथैरेपिस्ट को बधाई देते हुए कहा कि आपकी सेवाएं मानव जगत के लिए महत्वपूर्ण हैं।
‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ ने फिजियोथैरेपिस्ट डॉ मुईन अखलाक से बातचीत की। डॉ मुईन ने बताया कि फिजिकल थेरेपी का दायरा आज के समय में बहुत बढ़ चुका है। इसमें अलग-अलग स्पेशलाइजेशन हो चुके हैं। इसमें पीडियाट्रिक फिजियोथैरेपी, वुमेन हेल्थ प्रेग्नेंसी अलग सेक्टर है। पोस्ट ऑपरेटिव फिजियोथैरेपी, न्यूरोलॉजिकल रिहैब के साथ-साथ स्पोर्ट्स वीडियो थेरेपी जैसे स्पेशलाइजेशन होने लगे हैं। लोग धीरे-धीरे अपनी हेल्थ और फिटनेस को लेकर अवेयर हो गए हैं।


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