राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
उज्जैन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उज्जैन में 856 करोड़ रुपये की लागत से तैयार महाकालेश्वर मंदिर कारिडोर विकास परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण किया। महाकाल लोक के निर्माण से मंदिर का कुल क्षेत्रफल वर्तमान में 2.82 हेक्टेयर से बढ़कर 20 हेक्टेयर से भी अधिक हो गया है।
मंगलवार, 11 अक्टूबर की शाम पीएम मोदी ने भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद आरती की। पूजन विधि मुख्य पुजारी पं. घनश्याम पुजारी ने संपन्न कराई। इस दौरान मंदिर के पुजारी लगातार मंत्रोचार करते रहे। आरती के पश्चात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिवलिंग की परिक्रमा की। माला का जाप किया।
उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर के मुख्य पुजारी पंडिप घनश्याम पुजारी हैं। पास में उनके ही परिवार के ही आशीष पुजारी भी हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन्हीं का परिवार महाकाल में मुख्य पूजा संपन्न कराता है। विशेष पूजा को देखते हुए आज महाकाल शिवलिंग का शृंगार सादगीभरा ही किया गया है। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपस्थित रहे।
नवनिर्मित ‘महाकाल लोक’ में भव्य प्रवेश द्वार, फव्वारों सहित शिव पुराण की कहानियों को दर्शाने वाले 50 से ज्यादा चित्रों की श्रृंखला बनाई गई है। इसमें मूर्तियों के रूप में भगवान शिव से जुड़ी अलग-अलग कहानियां भी उकेरी गई हैं। साथ ही भगवान शिव, शक्ति और धार्मिक घटनाओं से जुड़ी करीब 200 मूर्तियां लगाई गई हैं। कॉरिडोर की संरचनाओं को बनाने में बलुआ पत्थरों का उपयोग किया गया है जो राजस्थान में बंसी पहाड़पुर क्षेत्र से लाए गए हैं। इन पत्थरों को राजस्थान, गुजरात और उड़ीसा के कलाकारों एवं शिल्पकारों ने तराशा है।


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