जितेन्द्र बच्चन राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
झांसी। एसटीएफ उत्तर प्रदेश की टीम को आज गुरुवार, 13 अप्रैल को एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली। टीम ने झांसी के परीक्षा बांध थाना क्षेत्र बड़ागांव में पांच-पांच लाख रुपये के इनामी अपराधी अतीक के बेटे असद और शूटर गुलाम मकसूदन को एक मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों अपराधियों ने इसी साल 24 फरवरी को प्रयागराज के थाना धूमनगंज अंतर्गत उमेश पाल और उनके दो पुलिस सुरक्षाकर्मियों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी।
एसटीएफ के एडीजी अमिताभ एस ने ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम का आज यूपी एसटीएफ ने झांसी में एनकाउंटर कर दिया है। ऑपरेशन डिप्टी एसपी नवेन्दु और डिप्टी एसपी विमल के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने अंजाम दिया है। दोनों अपराधियों के पास से अत्याधुनिक विदेशी हथियार ब्रिटिश बुलडॉग रिवॉल्वर 455 बोर, वाल्थर पी-88 पिस्टल 7.63 बरामद की गई है।
आज ही गुरुवार को माफिया अतीक की प्रयागराज की अदालत में पेशी थी, जहां बेटे के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर सुनकर वह रोने लगा और फिर बेहोश हो गया। एडीजी (एसटीएफ) अमिताभ यश के मुताबिक दोनों आरोपियों को जिंदा पकड़ने की कोशिश की गई थी, मगर उन्हों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। नतीजतन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों मारे गए। मुठभेड़ को अंजाम देने वाली एसटीएफ की इस टीम में पुलिस उपाधीक्षक नवेन्दु कुमार और पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार सिंह के अलावा इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह, इंस्पेकटर ज्ञानेन्द्र कुमार राय, उप निरीक्षक विनय तिवारी, मु.आ. पंकज तिवारी, सोनू यादव, सुशील कुमार, भूपेन्द्र सिंह, सुनील कुमार, कमांडो अरविंद कुमार और दिलीप कुमार यादव शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि अमिताभ एस अपने करियर में अब तक 150 से ज्याभदा बदमाशों को ढेर कर चुके हैं। उन्होंुने यूपी से मुख्ता र और अतीक गैंग के तमाम शार्ट शूटरों को मार गिराया है। वह 2007 में मायावती सरकार में एसटीएफ के एसएसपी बने। इस दौरान उन्होंुने बुंदेलखंड के जंगलों में डकैत ददुआ के खिलाफ अभियान छेड़ा और उसे मार गिराया था। मई 2017 में योगी सरकार में वह एसटीएफ के आईजी बने। इसके बाद जनवरी 2021 में वह एसटीएफ के एडीजी बन गए।


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