देश दुनिया में अदब की रोशनी फैला रही है ‘बारादरी’

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। नेहरू नगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में ‘कथा रंग’ की ओर से ‘बारादरी काव्य धारा’ आयोजित की गई। मुख्य अतिथि प्रख्यात लेखक, कवि, व्यंग्यकार व नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया के संपादक लालित्य ललित ने कहा कि उद्योग नगरी के इस ‘काव्य कुटुंब’ ने देश ही नहीं विदेश में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है। उन्होंने कहा कि ‘बारादरी’ के आयोजन इस बात के प्रमाण हैं कि साहित्य की गरिमा और उत्कृष्टता को अक्षुण रखने का काम यहां सलीके से हो रहा है। ऐसे प्रयासों से ही भविष्य के रचनाकार गढ़े जाते हैं।
कार्यक्रम अध्यक्ष सुरेंद्र सिंघल ने कहा कि बारादरी का मंच आपके कृतित्व को जन सामान्य तक ले जाने का सहज माध्यम बन गया है। उन्होंने हाल ही में प्रकाशित गोविंदा गुलशन, डॉ. माला कपूर ‘गौहर’, आलोक यात्री व उर्वशी अग्रवाल उर्वी की पुस्तकों पर भी अपने विचार प्रकट किए। संस्था के अध्यक्ष गोविंद गुलशन की पंक्तियों ‘आवाज कैसे देता बुलाता मैं किस तरह, वह भी तो धीमी चाल से बाहर नहीं गया’ और मासूम गाजियाबादी की पंक्तियों ‘सुनो एक सीप के दो हिस्से हैं मां-बाप, जो इनको अलग कर दें तो कोई बूंद मोती बन नहीं सकती’ भी भरपूर सराही गईं।
डॉ. माला कपूर ‘गौहर’ के अशआर “लब पे हर्फ ए दुआ नहीं होगा, तय है तू भी ख़ुदा नहीं होगा। पूछना मत मेरा पता उससे, उसको अपना पता नहीं होगा” भी सराही गई। कनाडा से आईं कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि प्राची रंधावा ने 1971 के भारत पाक युद्ध में एक वीर सैनिक के शौर्य को चित्रित किया। उर्वशी अग्रवाल ‘उर्वी’ ने कहा ‘हंसती मुस्कुराती रहती हैं दुनियादारी में स्त्रियां, वनवास भोगती रहती हैं चारदीवारी में स्त्रियां…’।
डॉ. ईश्वर सिंह तेवतिया, मंजू ‘मन’, मीना पांडेय व आशीष मित्तल ने भी अपनी पंक्तियों से खूब वाहवाही बटोरी। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध शायर मासूम गाजियाबादी को जीवन पर्यंत साहित्य सेवा के लिए बारादरी विभूषण सम्मान से अलंकृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन असलम राशिद ने किया। बी.के. वर्मा ‘शैदी’, प्रदीप भट्ट, सुभाष अखिल, अनिमेष शर्मा, इंद्रजीत सुकुमार, सुरेन्द्र शर्मा, वागीश शर्मा, डॉ. उपासना दीक्षित, अनिल शर्मा, प्रवीण त्रिपाठी, संजीव निगम ‘अनाम’, तूलिका सेठ, अंजू सुमन साधक, आशीष मित्तल, मृत्युंजय साधक, संजीव ‘नादान” व शुभ्रा पालीवाल की रचनाएं भी सराही गईं।
इस अवसर पर सुभाष चंदर, शिवराज सिंह, आलोक यात्री, अवधेश श्रीवास्तव, डॉ. बीना शर्मा, सुशील कुमार शर्मा, कुलदीप, डॉ. राजीव पांडेय, अर्चना शर्मा, उत्कर्ष गर्ग, डॉ. जय प्रकाश मिश्र, वीरेन्द्र सिंह राठौर, सरिता चतुर्वेदी, रविकांत दीक्षित, के. के. जायसवाल, दीपा गर्ग, नीटू जैन, टेकचंद, नितान्या अरोड़ा, खुश्बू, अंजलि, सिमरन व मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।

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