पशुपति नाथ प्रसाद के निधन से शोक में डूबा बिहार शिक्षक समाज

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
छपरा कार्यालय। एक आदर्श शिक्षक रहे एवं समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया, बिहार प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. विद्या भूषण श्रीवास्तव के चाचा पशुपति नाथ प्रसाद के निधन से पूरा शिक्षक समाज शोक में डूब गया है। शुक्रवार, 13 मार्च को 80 साल की उम्र में उन्होंने अपने निवास स्थान पर अंतिम सांस ली। उसी रोज देर रात्रि सरयू नदी के किनारे सेमरिया श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े पुत्र मुकुल कुमार श्रीवास्तव ने मुखाग्नि दी। उनके निधन से सभी मर्माहत हैं। उनके कई शिष्यों ने इसे एक अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा है कि गुरुजी का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद का प्रतिफल है कि आज कई शिष्य उच्च पदों पर विराजमान हैं या सेवानिवृत हो चुके हैं।
सारण जिला के रिविलगंज प्रखंड के गोदना एवं गोदना ब्रह्मटोली निवासी इंद्रदेव साह, सुरेश गिरि एवं अशोक गिरि, पशुपति नाथ प्रसाद के सहपाठी रहे। ये लोग भी अब इस दुनिया में नहीं हैं, मगर इन चारों शिक्षकों की जोड़ी बेमिसाल थी। ये सभी शिक्षक एदैव विद्यार्थियों को आगे बढ़ाते रहे और शिक्षा की गुणवत्ता में कभी कोई कमी नहीं आने दी। पशुपति नाथ 41 साल शिक्षण सेवा में रहे। साथ ही सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कार्यों को हमेशा प्राथमिकता दी।
पशुपति नाथ प्रसाद ने छपरा के राजेन्द्र महाविद्यालय से वर्ष 1966 में विज्ञान स्नातक प्रतिष्ठा उतीर्ण करने के बाद उत्तर प्रदेश के बलिया जिला अंतर्गत बैरिया तहसील के करण छपरा स्थित नरहरि बाबा इंटर कॉलेज में 1966 में ही विज्ञान शिक्षक के रूप में ज्वाइन किया। बाद में उन्होंने एम.ए (राजनीति) करके बीएड भी किये और प्रोन्नति मिलने के पश्चात प्रवक्ता बने। इनके छोटे भाई सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्राचार्य एवं अचलगढ़ ग्राम निवासी बनारसी प्रसाद ने पशुपति नाथ प्रसाद को शिक्षा के क्षेत्र में न केवल आगे बढ़ाया बल्कि उच्च शिक्षा की के प्रति सचेत करते रहे।
सारण जिला के रिविलगंज नगर पंचायत के वार्ड 5 स्थित सेमरिया पूरब टोला निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक स्व. भगवती चरण के पुत्र पशुपति नाथ प्रसाद साल 2007 से सेवानिवृत्त होने के बाद भी पठन-पाठन से जुड़े रहे। उनके निधन पर ग्रामीण विश्वनाथ राय, मदन चौधरी, बबन चौधरी, संतोष साह, हरिहर सिंह, बासुदेव राय, पत्रकार मनोज कुमार सिंह, श्रीराम तिवारी, जाकिर अली, मुकेश कुमार यादव उर्फ सोनू, डॉ. बसंत कुमार सिंह, पंकज कुमार श्रीवास्तव, पंकज कुमार, मनजीत नारायण सिंह, धनपत राय, नंद लाल यादव, संजय कुमार पांडेय, मो. अयूब, राजू जायसवाल, किशोर कुमार सहित कई बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों ने गहरा शोक प्रकट किया है।
समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं कायस्थ परिवार, छपरा के मुख्य संयोजक अभिजीत श्रीवास्तव, फेडरेशन के जिलाध्यक्ष कमल किशोर सहाय, अजित कुमार, ओम प्रकाश सिंह परासर, राजीव कुमार, कायस्थ परिवार के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सिन्हा उर्फ मिंटू, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के महामंत्री प्रिंस राज ने भी सेवानिवृत शिक्षक पशुपति नाथ के निधन पर अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा है कि समाज एवं चित्रांश समाज के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है।
उधर परिजनों एवं नाते-रिश्तेदारों रविन्द्र कुमार सिन्हा, डॉ. एचएन लाल, सुनील कुमार श्रीवास्तव, सुशील कुमार श्रीवास्तव, अभिमन्यु श्रीवास्तव, माधवेन्द्र श्रीवास्तव, विंदु भूषण श्रीवास्तव, रूपक कुमार श्रीवास्तव और रितेश कुमार श्रीवास्तव भी बहुत गमगीन दिखे। इन्होंने कहा है कि आज भले ही शिक्षक पशुपति नाथ प्रसाद नहीं हैं, मगर अपने जीवन में शिक्षा की जो अलख जगाते हुए उन्होंने बच्चों को आगे बढ़ाया है वे उन्हें हमेशा याद रखेंगे। पशुपति नाथ प्रसाद हमेशा हम सभी के दिलों में अमर रहेंगे।

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