जितेन्द्र बच्चन/राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
गाजियाबाद। कोराना महामारी के इस संकटकाल में आम जनता हो या पुलिस अथवा अधिकारी, सभी परेशान हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो कोविड-19 के बचाव के बारे में बहुत अधिक नहीं जानते। रोजमर्रा की चीजों को बाजार से लाना हो या दवा अथवा वैक्सीन कैसे मिलेगी, कुछ नहीं पता होता। जो अकेले रहते हैं या कोई पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी कर रहा है और उसे इन सब चीजों के लिए समय ही नहीं मिलता, ऐसे में उसके लिए यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य है। लोगों की इन्हीं परेशानियों को देखते हुए बुधवार को गाजियाबाद पुलिस ने एक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया और लोगों को जागरुक किया।
12 मई को पुलिस अधीक्षक (देहात) डॉ. ईरज राजा की उपस्थिति में जागरुकता एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में ग्राम भोजपुर और ग्राम फरीदनगर के तमाम ग्रामवासियों ने आकर इसका लाभ उठाया। पुलिस हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप और एसपी डॉ. ईरज राजा ने 245 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जरूरतमंदों को मास्क, सैनिटाइजर और मेडिकल किट का मुफ्त वितरण किया। इसके बाद थाना भोजपुर, निवाड़ी और मोदीनगर के पुलिसकर्मियों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. ईरज राजा न ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ को बताया कि ग्रामवासियों और पुलिसकर्मियों को स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने और किसी भी तरह के सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षण दिखने पर उन्हें तत्काल निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर परीक्षण कराने के लिए बताया गया है। इसके साथ ही लोगों को वैक्सीन लगवाने एवं उसके फायदों के बारे में भी जागरूक किया गया है।
गाजियाबाद पुलिस की इस पहल को शिविर में आन वाले करीब-करीब सभी नागरिकों ने सराहना की है। दरअसल, कोरोना महामारी के इस संकटकाल के दौरान कई बार देखा गया है कि बीमारी से अधिक उसका डर लोगों पर हावी हो रहा है। खासकर जो लोग अकेले रहते हैं या बुजुर्ग हैं, ऐसे में पुलिस की यह मदद उन्हें कोविड की लड़ाई से लड़ने की ताकत और आत्मविश्वास भी देगी।


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