राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। कोरोना काल की विषम परिस्थितियों में दिहाड़ी पर काम करने वाले प्रत्येक श्रमिकों के खाते में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों 1000 रुपये की धनराशि भरण-पोषण भत्ते के तौर पर भेजी है। इसे लेकर राष्ट्रवादी विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि सरकार को श्रमिकों का सम्मान करना चाहिए। श्रमिकों को काम चाहिए, उन्हें रोजी-रोटी चाहिए। अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं चाहिए। उन्हें कोविड के नाम पर निराश्रित न छोड़ दिया जाए। एक-एक हजार रुपये देकर श्रमिकों का भविष्य और उनका आत्मसम्मान न खरीदे सरकार।
उल्लेखनीय है कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संबल देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के 23.2 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बैंक खातों में 230 करोड़ रुपये की धनराशि ऑनलाइन हस्तांतरित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के पंजीकरण के लिए पोर्टल का शुभारंभ भी किया। लेकिन डॉ अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मार्च महीने से पूरे देश मे कोविड संक्रमण फैलने के बाद हजारों लोगों के रोजी-रोजगार छिन गए। लॉकडाउन के कारण काम-धंधा चौपट हो गया। लोग सड़क पर आ गए। लोगों के सामने खाने-पीने तक का संकट आ गया। ऐसे में रोजगार की पुनर्स्थापना के लिए सरकारी स्तर पर भी कुछ खास नहीं किया जा रहा है। आज भी हजारों लोग बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। खासकर छोटे-छोटे काम-धंधा वालों की हालत ज्यादा खराब है।
डॉ श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार से छंटनी की गयी या लोगों के रोजगार ठप हो गए। छोटे-मोटे कारीगर या दुकानदार सभी बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरों को काम मिलना बंद हो गया। रोजगार के लिए सरकार की तरफ से उठाए गए कदम नाकाफी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 2.17 लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं। हाल ही में आई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पड़े पदों को लेकर चिंता जताई गई है। इसके क्रियान्वयन की जो रूपरेखा तय की गई है, उनमें नीति के अमल की शुरुआत में ही शिक्षकों के खाली पदों को भरने की सिफारिश की गई। इसके बावजूद खाली पद नहीं भरे जा रहे हैं। पढ़-लिखकर युवा बेरोजगार पड़े हैं। उन्हें रोजी-रोटी चाहिए, कौन देगा इन्हें काम-धंधा? कैसे संवरेगा इनका भविष्य और अब यूपी सरकार एक-एक हजार रुपये देकर श्रमिकों का भविष्य और उनका आत्मसम्मान खरीदने की कोशिश कर रही है। यह राष्ट्रवादी विकास पार्टी बर्दास्त नहीं करेगी।


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