भजन-सुमिरन से ही मानव का कल्याण संभव है: श्री सतपाल जी महाराज

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
मुरादनगर (गाजियाबाद)। गंग नहर स्थित श्री हंस इंटर कॉलेज के मैदान में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा गुरुवार 13 जुलाई को आयोजित गुरु पूजा महोत्सव पर सुविख्यात समाजसेवी व उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज व्यक्ति बाहर के पूजा पाठ यज्ञ- हवन एवं तीर्थ- व्रत को ही भगवान की भक्ति समझकर इन कार्यों में लगा हुआ है, लेकिन भगवान श्री कृष्ण महाराज कर्म योग शास्त्र गीता में सच्ची भक्ति के बारे में समझाते हैं कि हे अर्जुन! मेरी प्राप्ति, मेरी भक्ति कभी भी बाहरी कर्मकांड और पूजा-पाठ तीरथ व्रत करने से नहीं होती है। मेरी प्राप्ति अंतर्मुखी होकर भजन ध्यान करने से होती है। अनन्य भक्ति करने से होती है। आज लोग अनन्य का सही अर्थ नहीं समझते हैं। अनन्य का मतलब होता है किसी अन्य देवी- देवताओं की भक्ति पूजा न करके एकमात्र मेरी ही सच्ची भक्ति कर, मेरी पूजा ध्यान स्मरण कर। मैं तुझे सभी पापों से मुक्त कर दूंगा। अनन्य भक्ति के लिए हमें समय के तत्वदर्शी महापुरुष, आत्मज्ञानी गुरु की शरण में जाकर और ज्ञान को जानकर भजन सुमिरन करना होगा। भजन सुमिरन से ही मानव का कल्याण संभव है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषित होने के कारण ग्लोबल वार्मिंग हो रही है, बड़े-बड़े ग्लेशियर पिघलते जा रहे हैं, ग्रीनलैंड के अंदर जहां पहले बर्फ ही बर्फ होती थी, आज वहां सब्जियां उग रही हैं। इतनी गर्मी हो गई है, यह गर्मी जलस्तर को बढ़ा रही है। आपने देखा होगा कि सुनामी आ रही है, छोटे-छोटे जो देश हैं वह समुंद्र के अंदर डूब जाएंगे। कुछ देशों ने जैसे शेशल है, मालदीव है, जिसने जमीने कहीं और ली है कि हम अपने लोगों को वहां बसाएंगे। कहा गया है कि जब पाप बढ़ जाता है तो भगवान पृथ्वी को जलमग्न कर देते हैं। इसलिए ग्लोबल वार्मिंग होती है और बाढ़ आ जाती है। आपने उत्तराखंड में देखा होगा कभी- कभी बादल फटने का मौसम होता था, लेकिन आजकल वहां बादल फट रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से बचने के लिए हमें पर्यावरण के लिए कार्य करना होगा। पेड़ लगाने होंगे और प्लास्टिक को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करना होगा।
संस्था द्वारा पूरे भारत में 10 से 24 जुलाई तक पौधरोपण कार्यक्रम किया जा रहा है। पिछले वर्ष संस्था द्वारा लगभग 50 हजार पौधे लगाएं गए थे। इसी क्रम में आज श्री सतपाल जी महाराज द्वारा आश्रम के प्रांगण में पौधरोपण किया गया और पूरे देश को इसका संदेश दिया। श्री महाराज जी ने कहा कि कोरोना की बीमारी अभी पूर्ण रूप् से समाप्त नहीं हुई है। यह शक्ल बदलकर बार-बार हमारे सामने आती है। इसका कोई इलाज नहीं है। अपनी इम्युनिटी को बढ़ाओ, आयुर्वेदिक काढ़ा पीयो, आयुर्वेदिक दवा लो और अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाओ।
इस अवसर पर परमपूज्य माता श्री अमृता जी ने कहा कि गुरु भक्त वह होता है जो गुरु दरबार की सेवा मन, क्रम, वचन से करे। ऐसे भक्तों का कल्याण निश्चित रूप से होता है। मंच पर श्री विभु जी, श्री सुयश जी उपस्थित रहे। साथ ही अनेक संत-महात्मा व विद्वानगणों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम से पूर्व श्री महाराज जी, पूज्य माता श्री अमृता जी व अन्य विभूतियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। मंच संचालन महात्मा श्री हरिसंतोषानंद जी ने किया।

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