गाजियाबाद: अभासाप महानगर इकाई की प्रथम काव्य गोष्ठी आयोजित

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, महानगर इकाई, गाज़ियाबाद के गठन के बाद इकाई ने अपनी पहली काव्य गोष्ठी का आयोजन राजनगर एक्सटेंशन स्थित एमसीसी सिग्नेचर होम्स के क्लब में किया। गोष्ठी का आयोजन गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर किया गयाI गोष्ठी का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया, फिर शोभा सचान ने सरस्वती वंदना कीI काव्य पाठ की शुरुआत सीमा सागर शर्मा की प्रेम आधारित एक रचना से हुईI संजीव शर्मा ने परोपकार और पेड़ के महत्व पर रचना पढ़ीI
डाक्टर ज्योति उपाध्याय ने माहिया की प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दियाI डाक्टर सुधीर त्यागी ने अपने अंदाज में ग़ज़ल पढ़कर वाहवाही पाईI रचना ने जीवन चक्र पर आधारित अपनी रचना श्रोताओं के सम्मुख रखीI मोनू त्यागी मधुकर की अध्यात्म पर आधारित रचना को सभी ने खूब सराहा। शोभा सचान ने राजनीति पर व्यंग्य गीत पढ़ा। डाक्टर अलका अग्रवाल ने जीवन दर्शन पर आधारित रचना का पाठ किया। अजीत श्रीवास्तव “नवीन” ने हाइकु के माध्यम से गुरु-शिष्य संबंध की बारीकियों पर प्रकाश डालाI
अखिल भारतीय साहित्य परिषद मेरठ प्रांत के महासचिव व कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डाक्टर चेतन आनंद ने इस अवसर पर महाकवि श्रद्धेय डॉ. कुँअर बेचैन को अपनी रचनाओं के माध्यम से याद कियाI साथ ही उन्होंने अपनी सुप्रसिद्ध ग़ज़ल ‘न तुम बोलो न हम बोलें मगर किस्सा बयां भी हो…’ पढ़ी, जिस पर श्रोताओं ने भरपूर तालियों से उनका अभिनंदन किया। मेरठ प्रांत के अध्यक्ष व कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि देवेन्द्र देव मिर्जापुरी ने माँ और ईश्वर पर आधरित अपनी रचना से भाव विभोर किया।
मोटिवेशनल स्पीकर एमके सेठ ने गुरु की महिमा का गान किया। मुख्य अतिथि उपन्यासकार रवीन्द्र कांत त्यागी ने अपने संस्मरणों के माध्यम से गुरु और शिक्षक में अन्तर को समझाया। कार्यक्रम के आखिर में इकाई की अध्यक्ष सुप्रसिध्द कवयित्री डाक्टर रमा सिंह ने ‘जब भी पीर उभरती कोई याद आती अम्मा…’ और ‘मेरे गुरुवर तुम्हारी आज मैं आराधना कर लूं…’ सरीखी अपनी अभूतपूर्व व अप्रतिम रचनाओं से अद्भुत समां बाँधाI गरिमा आर्य ने बहुत ही सुंदर संचालन किया। इस अवसर पर इकाई की अध्यक्ष डाक्टर रमा सिंह व सचिव अजीत श्रीवास्तव ने इकाई के उद्देश्यों से उपस्थित श्रोताओं को अवगत कराया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद महानगर इकाई की अगली पावस काव्य गोष्ठी देवप्रभा प्रकाशन ग़ाज़ियाबाद के सहयोग से 17 जुलाई को होगी।

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