राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में आयोजित दो दिवसीय पॉम-पॉम शो के समापन के अवसर पर सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्व विद्यालय की वित्त नियंत्रक एवं सुप्रसिद्ध कवयित्री मनु लक्ष्मी मिश्रा ने कहा कि संचार क्रांति के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में असीम संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं लेकिन सोशल मीडिया पर निरंतर साझा होने वाली सामग्री हमारी सोच के दायरे को संकुचित करती जा रही है। उन्होंने बच्चों को ऐसे प्लेटफार्म से दूर रखने की सलाह दी जो बच्चों को संस्कारी बनाने के बजाय अपसंस्कृति की ओर धकेल रहे हैं।
इससे पूर्व तीसरे सत्र को संबोधित करते हुए सुप्रसिद्ध शायरा व शिक्षाविद अलीना इतरत ने कहा कि वर्क फ्रॉम होम की सुविधा ने दुनिया भर के बच्चों को सोशल मीडिया से सीधे जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि शोध के नतीजे बताते हैं कि सोशल मीडिया हमारी संस्कृति, संस्कार, भाषा व मानसिकता को प्रदूषित करने का काम कर रहा है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि पतन की ओर ले जा रहे सोशल मीडिया से बच्चों को बचा कर उन्हें भविष्य के भारत का बेहतरीन नागरिक बनाने में अपना योगदान दें।
विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित सुप्रसिद्ध कवयित्री उर्वशी अग्रवाल ने अपने दोहे “शब्दों के पहनाऊंगी अब सबको ताबीज़, सिल्वर लाइन स्कूल की बनी रहे प्रेस्टीज़” के जरिए स्कूल स्टाफ व छात्रों को अपनी शुभकामनाएं अर्पित कीं। कविनगर शाखा में आयोजित समापन सत्र को संबोधित करते हुए डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. माला कपूर ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की मेधा का आकलन परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर नहीं बल्कि उनकी नैसर्गिक प्रतिभा के आधार पर करना चाहिए। अल्पायु में ही बच्चों की पढ़ाई के प्रति आतुर रहने वाले अभिभावकों को सचेत करते हुए उन्होंने कहा कि अभिभावकों को साक्षरता और शिक्षित होने के अंतर को समझना चाहिए। स्कूल की निदेशक तन्वी कपूर गोयल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। अपनी मोहक प्रस्तुतियों के जरिए नेहरू नगर व कवि नगर की शाखाओं के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सभी का दिल जीत लिया। इस मौके पर उपप्रधानाचार्या मंगला वैद, उमा नवानी, सोनिया सेहरा, एकता कोहली व आलोक यात्री सहित बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद थे।


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