राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
कामां विधानसभा सीट राजस्थान की एक प्रमुख विधानसभा सीट है, जो डींग जिले का एक हिस्सा है। यहां से वर्तमान विधायक कांग्रेस की जाहिदा खान हैं। जाहिदा तैयब हुसैन की बेटी हैं और वह लगातार तीन बार से कामां से विधायक चुनी जा रही हैं। इससे पहले उनके पिता तैयब हुसैन भी यहां से कई बार कांग्रेस विधायक रह चुके थे। पहले यहां के लोग कहते थे कि किसी दूसरी प्रमुख पार्टी को यह सीट हासिल होनी मुश्किल है लेकिन इस बार एक निर्दलीय उम्मीदवार भगवंता सिंह ने सभी का दिल जीत लिया है।
वैसे जाहिदा खान और भाजपा प्रत्याशी नौक्षम चौधरी के बीच सियासी जंग चरम पर है। जिसे जहां मौका मिलता है, एक दूसरे पर वार और पलटवार करने से नहीं चूक रही हैं। नौक्षम का बाहरी उम्मीदवार होने को लेकर कांमा विधानसभा क्षेत्र में विरोध दिखाई दे रहा है। उनका एक विवादित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नौक्षम ने चेतावनी देते हुए कहा कि ‘ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। हमें गोली भी चलानी आती है। हमें सभी तरह के काम आते हैं। नौक्षम का 29 सेकंड का यह वीडियो जहां सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ है, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार भगवंता सिंह सिर्फ और सिर्फ कामां के विकास की बात करते हैं।
भगवंता सिंह मौजूदा सरकार की विफलताओं को उजागर करने के लिए छोटी-छोटी जनसभाएं भी कर रहे हैं। किसानों के साथ धोखा, पेपर लीक, महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ और तुष्टीकरण के मामलों को भी उठा रहे हैं। वह कहते हैं, हिंदू-मुस्लिम करने वालों को वोट नहीं मिलने वाला है और कांग्रेस हो या भाजपा, अब यहां की जनता ने इन सभी को नकार दिया है।
भगवंता सिंह दलील देते हैं, 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को किसान कर्जमाफी के मुद्दे पर सबसे अधिक वोट मिला था, लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ। किसानों के सामने कांग्रेस की पोल खुई गई है। युवाओं को 3500 रुपये स्टाइपेंड देने, महिलाओं सुरक्षा की गारंटी, भ्रष्टाचार मुक्त शासन की गारंटी दी थी। सभी वादे फेल रहे। कोई भी योजना कांग्रेस धरातल पर नहीं उतार पाई।
युवा नेता भगवंता सिंह बताते हैं, मिलावट रोकना सरकार का काम था, लेकिन सरकार ने गरीबों को सीएम का फोटो लगाकर जो राशन बांटा, उसमें मिलावट की बात सामने आई है। ऐसे में जनता कहने लगी है कि जो गारंटी पहले दी थी, वो तो फेल हो चुकी है।
‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ ने भगवंता सिंह की एक नुक्कड़ सभा में आए एक मतदाता से पूछा कि सरकार बिजली तो फ्री दे रही है, भगवंता सिंह कहां से देंगे? तो उसने बताया, नाम की है फ्री बिजली। सच तो यह है कि उपभोक्ताओं के बिजली के बिल कई गुना बढ़कर आ रहे हैं। इससे जनता परेशान है। एक बार कोई किसानों से जाकर पूछे तो सही।
वह आगे बताता है, इसी साल मार्च में गहलोत सरकार ने घोषणा की थी कि किसानों को दो हजार यूनिट फ्री बिजली देंगे। अप्रैल, मई और जून में कुछ किया नहीं। जून, जुलाई में शिविर लगाया। फिर शर्त लगा दी कि जिसके पास 15 हार्स पॉवर से ज्यादा का कनेक्शन है, उसको नहीं देंगे। 80 फीसदी से ज्यादा किसानों के पास 15 हार्स पॉवर से ज्यादा का कनेक्शन है। किसानों को छह घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन एक घंटे भी बिजली नहीं मिली। बिजली कटौती से किसान परेशान हैं।
एक महिला मतदाता का कहना है कि इस बार कामां की जनता किसी पार्टी के बहकावे में नहीं आने वाली है। इन नेताओं के मकड़जाल में अब कोई नहीं फंसेगा। भगवंता कामां का बेटा है। वह विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहा है। उस पर हम सभी को भरोसा है। भरोसा तो भगवंता सिंह को भी है कि वह चुनाव जीतेंगे। अब देखना है कि 3 दिसंबर को किसके पक्ष में नतीजे आते हैं?


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