अभिषेक श्रीवास्तव
डींग। कामां में जनता परेशान है, किसान परेशान है, गरीब परेशान है, लेकिन इनके लिए बदलाव कोई नहीं लाया। लेकिन अब नहीं, अब बदलाव आएगा। कोई है इस भ्रष्टाचारी समाज में जो इंसाफ के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाएगा। मुश्किलें हजार होंगी लेकिन जवाब अब सिर्फ एक ही है- भगवंता सिंह!
राजस्थान में बिगुल बज चुका है। उम्मीदवार अपनी-अपनी दावेदारी दिखाते हुए प्रचार-पसार कर रहे हैं। इस समय एक सत्ताधारी पार्टी जिसका केंद्र तक शासन है, वो वसुंधरा राजे के नेतृत्व में एक बार चुनाव हार चुकी है। इस बार कोई कसर न रह जाए, इसलिए पूरा दम लगा रही है। हर वो उम्मीदवार जो बीजेपी के टिकट पर लड़ रहा है, वो अपनी पूरी जान लगा रहा है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, हर मंत्री आफर की थाली लेकर जयपुर और दिल्ली में बड़े- बड़े नेताओं से मुलाकात कर रोजाना अखबारों में फोटो छपवा रहा है। वह अपनी अलग पहचान बनाना चाहता है।
लेकिन जनता को अब इन पर कोई भरोसा नहीं है। दूसरी ओर पार्टियों ने जाति और धर्म के आधार पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। लेकिन सिर्फ भगवंता सिंह ही हैं जो कामां के विकास को अपना धर्म और कर्म दोनों मानते हैं। उनके लिए राजनीति से बढ़कर कामां का विकास जरूरी है। बाकी पार्टियों में तो घमासान मचा हुआ है लेकिन भगवंता सिंह जनता को अपना मानकर खुद से उनकी परेशानियां और उनके दुख सुन रहे हैं। कामां के लोग मानते हैं कि उनकी परेशानियों का हल निकालना ही भगवंता सिंह को इस मुकाम पर लाया है।
भगवंता सिंह के आने की आहट से लोगों में खुशी की लहर छा गई है। जैसे मानो मां को उसका खोया हुआ बेटा मिल गया है। ऐसा लग रहा है कि कामां को जिसकी तलाश थी, वो आ गया है। लोग एक-दूसरे को अवाज देते हुए बोल रहे हैं- “वो सिर्फ भगवंता सिंह नहीं है, वह बेटा है हमारा।”
जनता घरों से निकलकर भगवंता सिंह के साथ हो चुकी है। जनता बदलाव चाहती है। जनता भगवंता सिंह को चाहती है। पूरा कामां सभी जाति और धर्म साथ हो चुके हैं। भगवंता सिंह का घर-घर गली-गली छा गए हैं। लोग अपना पराया भूलकर उनके प्रचार-प्रसार में जुटे हैं। हर व्यक्ति भगवंता सिंह का गुणगान कर रहा है। कहते हैं, “भगवंता सिंह हर धर्म हर व्यक्ति को एक समान मानते हुए हर किसी की मदद करेंगे, यह उनका वादा है।”
और भगवंता सिंह लोगों को एक संपल्प दिलाते हैं- ‘आज हम सब मिलकर संकल्प लेते हैं। इस बार पानी की समस्या को जड़ से खत्म करेंगे। भविष्य में पानी की समस्या को सरकार का मुद्दा नहीं बनने देंगे।’ लोग उन पर भरोसा कर रहे हैं। उनको पक्का यकीन है कि भगवंता सिंह भविष्य में बेहतर कामां बनाकर देंगे। ऐसे में एक सवाल उठता है- क्या भगवंता सिंह नाम की यह आंधी कोई रोक पाएगा?


Leave a Reply