राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
खैरागढ़ (छत्तीसगढ़)। कथक नृत्यांगना दीपा जोशी को (डी.लिट्.) डॉक्टर ऑफ लेटर्स की उपाधि से विभूषित किया गया। डॉ दीपा जोशी उत्तराखंड की प्रथम और भारत की दूसरी महिला कथक नृत्यांगना हैं, जिन्हें कथक में यह प्रतिष्ठित उपाधि प्राप्त करने का गौरव मिला है।
डॉ. जोशी को बुधवार, 28 जनवरी को एशिया के प्रथम संगीत व ललित कला विश्वविद्यालय इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में आयोजित 17वें दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका व कुलपति प्रो. लवली शर्मा के द्वारा उपाधि प्रदान की गई। डॉ. दीपा जोशी ने इस उपलब्धि का श्रेय गुरुजनों विशेष रूप से गुरु प्रो. डॉ पूर्णिमा पांडे व माता पिता को देती हैं।
उल्लेखनीय है कि डॉ. दीपा जोशी गाजियाबाद की प्रख्यात लेखिक, नृत्यांगना व रंगकर्मी मीना पांडेय की बड़ी बहन हैं। डॉ. जोशी ने जहां देश के कई प्रतिष्ठित मंचों पर एकल प्रस्तुति दी है, वहीं नृत्य की निरंतर साधना के साथ-साथ संगीत विषय पर अनेक महत्वपूर्ण आलेखों व पुस्तकों का लेखन कर इस शास्त्रीय कला के सैद्धांतिक पक्ष को भी समृद्ध किया है। वर्तमान में डॉ दीपा जोशी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के नैनीताल कार्यालय में कार्यरत हैं।


Leave a Reply