प्रजेश शंकर
केन्द्र सरकार से उपद्रवी किसान नेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग
नई दिल्ली (राष्ट्रीय जनमोर्चा)। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेर्डस (कैट) ने कहा है कि किसान संगठनों के आंदोलन से पिछले दो महीनो में दिल्ली-एनसीआर में 60 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने गुरुवार को कहा कि देशभर के प्रमुख व्यापारी नेतओं ने कैट द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आयोजित एक बैठक में एक स्वर से गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसानों संगठनों द्वारा किए गए उपद्रव की निंदा की है। उन्होंने इन किसान नेताओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह कैसे हो गया कि अन्नदाता उपद्रवी बन गए। इस घटना ने देश के किसानों को कलंकित किया है, जिससे देश का सिर शर्म से झुक गया है।
खंडेलवाल ने कहा कि किसानों की हठधर्मिता के कारण कारोबार का व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। उन्होंने कारोबारी नेताओं के साथ हुई बातचीत के बाद राष्ट्रीय जनमोर्चा से बताया कि विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक में देश के 28 राज्यों के 200 से अधिक व्यापारी नेताओं ने भाग लेते हुए कहा कि व्यापारी और किसान एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। किसान के हर सुख-दुःख में व्यापारी उनके साझीदार रहे हैं लेकिन राजधानी दिल्ली में किसानों के हिंसा और तांडव से व्यापारी बेहद आहत और चिंतित हैं। व्यापारी नेताओं ने केंद्र सरकार से देश के सम्मान का खुला अपमान करने वाले सभी दोषी व्यक्तियों के ख़िलाफ़ कठोर से कठोर कारवाई करने की मांग की है।


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