राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
मुजफ्फरपुर। जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में रविवार को एक कार्यक्रम के तहत डॉ बीके मल्लिक की दो पुस्तकों- ‘काव्यायन’ और ‘भावनाक फूल’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चितरंजन प्रसाद ‘कनक’ ने की। मुख्य अतिथि डॉक्टर राम प्रवेश सिंह, सेवानिवृत्त विभाग अध्यक्ष हिंदी विभाग तथा मुख्य वक्ता डॉक्टर संजय पंकज थे। विषय प्रवेश हिंदी साहित्य के मूर्धन्य साहित्यकार उदय नारायण सिंह ने की।
अन्य वक्ताओं में डॉ प्रियंबदा दास, डॉ नीलिमा वर्मा, प्रोफेसर इंदु भूषण, प्रोफेसर विजेंद्र, श्री प्रमोद नारायण मिश्रा, श्री देवेंद्र कुमार, श्री हरि किशोर सिंह आदि की गरिमामय उपस्थिति रही। डॉक्टर रामप्रवेश सिंह ने पुस्तकों को सामाजिक संदर्भ से जोड़ते हुए बेहद महत्वपूर्ण तथ्यों को सबके सामने रखा। डॉ संजय पंकज ने समकालीनता और अनिवार्यता को केंद्र में रखकर अपनी बातों को कहा।
किस प्रकार पुस्तकें जीवन निर्माण का हमें पाठ पढ़ती हैं, यह सभी वक्तव्य से स्पष्ट झलक रहा था। डॉ सोनी ने सरस्वती वंदना के द्वारा लोगों का मन मोह लिया तथा रिकू वर्मा ने मैथिली में बेहतरीन प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के साहित्य मंत्री डॉ लोकनाथ मिश्र ने किया। अंत में डॉ बीके मलिक ने सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया।

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