राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। महिला उन्नति संस्था और शारदा यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आज बिसरख स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस नाटक के माध्यम से छात्रों ने उपस्थित महिलाओं एवं आशा कार्यकर्ताओं को सुरक्षित स्तनपान मां एवं नवजात के लिए कितना आवश्यक होता है, इसे लेकर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई।
उल्लेखनीय है कि महिला उन्नति संस्था और शारदा यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे “सुरक्षित स्तनपान एक साझा जिम्मेदारी” साप्ताहिक अभियान के अंतर्गत शारदा यूनिवर्सिटी के नर्सिंग विभाग के छात्रों ने ग्रेटर नोएडा में आज शनिवार को यह कार्यक्रम किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुनीता यादव ने बताया कि नवजात शिशु के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है मगर आजकल अपनी फिटनेस को मेंटेन रखने के लिए महिलाएं शिशु को अपना दूध नहीं पिलाती। इससे बच्चे का मानसिक एवं शारीरिक विकास सही ढंग से नहीं हो पाता। उन्होंने बताया कि कोविड से ग्रस्त मां भी कुछ आवश्यक सावधानी बरतते हुए अपने शिशु को अपना दूध पिला सकती है।
शारदा यूनिवर्सिटी के नर्सिंग विभाग की प्रिंसपल उर्मिला भारद्वाज ने कहा कि नवजात को दूध पिलाने से पहले यह जानना जरूरी है कि किस तरह एक सुरक्षित तरीके से शिशु को दूध पिलाया जाए, जिससे शिशु को कोई दिक्कत न हो और समय-समय पर महिलाओं को इस इस तरह की जानकारियां उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है। इससे जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहेंगे। कार्यक्रम में स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी सचिन्द्र मिश्रा ने नुक्कड़ नाटक में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान महिला उन्नति संस्था के संस्थापक डा राहुल वर्मा, एचओडी डा शांति ईडा, डा शिल्पी मित्तल, नेहा बरारी, विजय तंवर, अरविंद चौधरी, जहीर सैफी और महासचिव अनिल भाटी आदि मौजूद रहे।


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