राष्ट्रीय जनमोर्चा ब्यूरो
नयी दिल्ली। सीमा पर तनाव के बीच देश की मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार जाति जनगणना कराएगी। यह निर्णय बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया। जनगणना कब से शुरू होगी, इसके बारे में सरकार ने जहां कुछ नहीं कहा है, वहीं विपक्ष की प्रतिक्रिया मिलने लगी है। लालू यादव ने केंद्र को घेरते हुए कहा है कि यह समाजवादियों की जीत है। हमें जातिवादी कहने वालों को करारा जवाब मिला है।
बुधवार, 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ‘सुपर कैबिनेट’ मीटिंग हुई, जिसमें केंद्रीय मंत्रिमंडल के कुछ टॉप मंत्री मौजूद थे। बैठक में जाति जनगणना समेत कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि जाति जनगणना, मूल जनगणना में ही शामिल होगी। अनुमान है कि जनगणना सितंबर 2025 से शुरू हो सकती है, जिसे पूरा होने में एक साल लग सकता है और जनगणना के अंतिम आंकड़े 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में आएंगे। लेकिन जनगणना कब से शुरू होगी, इसके बारे में सरकार ने अभी कुछ नहीं कहा है।
बुधवार को ही कांग्रेस ने कान्फ्रेंस कर जातिगत गणना कराए जाने के केंद्र सरकार के फैसले पर कहा कि देर आए, दुरुस्त आए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बीते 9 अप्रैल को कांग्रेस के अहमदाबाद अधिवेशन में पारित उस प्रस्ताव का हवाला दिया कि जिसमें जाति जनगणना की पैरवी करते हुए कहा गया था कि सामाजिक न्याय की बुनियाद को और सशक्त बनाने के लिए यह जरूरी है।

Leave a Reply