राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। स्वर्गीय डॉ कुंअर बेचैन के नेहरू नगर स्थित निवास ‘कवितायन’ में महाकवि डॉ. कुँअर बेचैन फाउंडेशन की तरफ से काव्य गोष्ठी-2 का आयोजन किया गया। वरिष्ठ ग़ज़लकार गोविंद गुलशन की अध्यक्षता में करीब पांच घंटे चली इस गोष्ठी में 50 से ज्यादा रचनाकारों ने काव्य पाठ किया। विशेष अतिथियों में अंजू जैन, राज कौशिक, तारा गुप्ता, बीएल बत्रा, मीरा शलभ, राशिद असलम, शरद रायज़ादा और वंदना कुंअर शामिल रहे। संचालन कवयित्री ममता लड़ीवाल ने किया।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में गोविंद गुलशन, दीपक दीप, कुलदीप बरतरिया, रजनीश रजत, असलम राशिद, मनोज कामदेव, मृत्युंजय साधक, अंजू सुमन साधक, मीरा शलभ, प्रेम सागर प्रेम, बीएल बत्रा, इंद्रजीत सुकुमार, रजनीश त्यागी, राजीव सिंघल, ममता लड़ीवाल, तारा गुप्ता, शशि जैन, पीयूष कान्ति, मयंक राजेश, डी पी सिंह, अंजू जैन, सोनम यादव, निवेदिता शर्मा, अल्पना सुहासिनी, गार्गी कौशिक, राजेश श्रीवास्तव, उषा श्रीवास्तव, अमन दीप, ओंकार त्रिपाठी, राज कौशिक, आशीष प्रकाश, जगदीश मीणा, वंदना रायज़ादा और दुर्गेश अवस्थी ने काव्य पाठ किया। उमेश सक्सेना, हेमंत सक्सेना और अशोक यादव की भी उपस्थित रही।
उपस्थित कवियों ने गीत, ग़ज़ल, मुक्तक और दोहे सुनाकर काव्य गोष्ठी को विराट कवि सम्मेलन का रूप प्रदान कर दिया। अंत में डॉ कुंअर बेचैन के इस गीत को सभी ने मिल कर गया- “सब की बात न माना कर, खुद को भी पहचाना कर…।” संस्था के संरक्षक शरद रायज़ादा ने संस्था की गतिविधियों के बारे में बताया और महाकवि डॉ. कुँअर बेचैन फाउंडेशन की ओर से सभी का आभार व्यक्त किया।


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