राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अपने तृतीय स्थापना दिवस के अवसर पर गाजियाबाद में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में कांटापाली, संबलपुर, ओडिशा की नृत्य शिल्पी कु. प्रियल प्रधान को राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान के तहत ‘बाल प्रतिभा पुरस्कार’ से नवाजा है। प्रियल बेहतरीन डांस कर लेती हैं।
प्रियल के पिता सत्य नारायण प्रधान दिल्ली एम्स में कार्यरत हैं। प्रियल की मां चंद्रमुखी गृहणी हैं। दोनों का जब यह सूचना मिली कि प्रियल को समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया ‘राष्ट्र गौरव सम्मान समारोह’ के तहत ‘बाल प्रतिभा पुरस्कार’ से सम्मानित करना चाहता है, तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। सत्य नारायण कहते हैं, ‘’हमारा बस एक ही सपना है कि बेटी नृत्य के क्षेत्र में पूरी तरह सफल हो। गीत-संगीत की दुनिया में अपने समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करे। एसकेएफआई (समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया) ऐसी प्रतिभाओं की खोज कर उन्हें जिस तरह से सम्मानित कर रहा है और देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, निश्चित ही वह प्रेरणादायक है।’’
उन्होंने एसकेएफआई का आभार जाताया है। प्रियल की खुशी देखकर मां चंद्रमुखी की आंखें भी चमक उठीं। उन्होंने बताया, ‘बेटी अभी जनकपुरी में कक्षा दो में पढ़ रही है। लेकिन वह नृत्य कला में परांगत होना चाहती है। जब भी समय मिलता है, वह प्रेक्टिस करती है। बहुत प्रयास करती है। हमारी भी इच्छा है कि वह देश की एक बेहतरीन नृत्यांगना बने। समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया ऐसे बच्चों का हुनर देखकर उन्हें पुरस्कृत करता है। इससे बच्चे और उत्साहित होंगे। उनको जीवन में अपना एक मुकाम बनाने में कामयाबी हासिल होगी।’
उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 2 मार्च को देश के आठ राज्यों की 51 प्रतिभाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया है। उन्हीं प्रतिभाओं में से एक प्रियल प्रधान भी हैं। ‘राष्ट्रीय जनमोर्चा’ इस बच्ची को हार्दिक शुभकामनाएं देता है।

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