राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
नई दिल्ली। इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर, लोधी रोड स्थित अब्दुर्रहमान ऑडिटोरियम में पसमांदा विकास फाउंडेशन (PVF) द्वारा कौमी तालीमी पुरस्कार व शैक्षिक एवं आर्थिक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर हजरत मौलाना कारी अंसारुल हक मजाहिरी न कुरान की तिलावत और हाफिज शाहदाब दिल्ली द्वारा नाते-ए-नबी पेश की गई। साथ ही कई हस्तियों को प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा थे, जबकि हजरत मौलाना मुर्तजा कासमी, शेखुल कुर्रा, मदरसा उलूम ने अध्यक्षता की। संगोष्ठी में 500 से अधिक लोगों के आने का दावा किया गया है। फाउंडेशन के निदेशक मोहम्मद मेराज राईन ने बताया, “इस कार्यक्रम का उद्देश्य पसमांदा समुदाय को मदरसा में आधुनिक शिक्षा अपनाने और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करना है।”
कार्यक्रम में जिन हस्तियों को प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, उनमें मौलाना अबुल कलाम आजाद पुरस्कार: मुफस्सिर-ए-कुरान मौलाना मोहम्मद जमालुद्दीन कासमी नक्शबंदी, हकीमुल इस्लाम पुरस्कार: जनाब कारी फरमान कासमी साहब, कय्यूम अंसारी पुरस्कार: डॉ. अयूब राईन, गुलाम सरवर पुरस्कार: डॉ. मोहम्मद शाहनवाज हाशमी, शहीद अब्दुल हामिद पुरस्कार: आफताब आलम अंसारी और असीम बिहारी पुरस्कार: अजीम अहमद शामिल रहे।
पीवीएफ के मजलिस उलेमा के अध्यक्ष मुफ्ती वसीम अकरम कासमी ने कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों का स्वागत किया। जबकि पीवीएफ के निदेशक मोहम्मद मेराज राईन ने गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति के लिए उनका आभार जताया है।

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