राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था प्रयास लर्निंग फाउंडेशन द्वारा एक रैली का आयोजन कर दिव्यांग बच्चों और जनसमुदाय को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद प्रतिनिधि (राज्य सभा) गुलशन भांबरी ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों को भी समाज में सामन्य बच्चों की तरह रहने का अधिकार है। इन बच्चों के अभिभावक अगर उनका ध्यान नहीं देते हैं तो भविष्य में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि रैली का मकसद लोगों को ऑटिज्म के बारे में जागरूक करना है और उन लोगों को सपोर्ट करना है जो इस विकार से जूझ रहे हैं। ऑटिज्म एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। यह किसी को भी हो सकती है लेकिन बच्चों में यह बीमारी कम उम्र में ही दिखने लगती है। ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों का विकास बहुत धीमी गति से होता है। उल्लेखनीय है कि गुलशन भांबरी एक शिक्षाविद भी हैं। वह बच्चों का दुख-दर्द अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ऐसे बच्चों पर ध्यान दिया जाए तो ये बच्चे भी काफी हद तक ठीक हो जाते हैं। जरूरत है हम सभी को समाज को जागरूक करने की।
रविवार, 2 अप्रैल को आयोजित रैली में 50 से अधिक दिव्यांग बच्चों ने भाग लिया। प्रयास लर्निंग फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती नेहा पुंडीर ने ऑटिज्म के विषय में विस्तार से बताते हुए लोगों को जागरूक किया। रैली में शामिल बच्चों को अजय गंभीर, राधेश्याम त्यागी और वीके सिंह ने केले, समोसे, फ्रूटी, लस्सी, जल एवं अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया। रैली में पुलिस चौकी प्रताप विहार के इंचार्ज अरुण, लॉली चौधरी और श्याम शर्मा का विशेष सहयोग रहा। डॉक्टर कमल भांबरी ने अतिथियों के प्रति आभार जताया है।


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