सरवर हसन, ‘आतिश’ और विपिन जैन हुए बारादरी सम्मान से अलंकृत

विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। ‘बारादरी’ ने छठे वर्ष में प्रवेश कर लिया। अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए संस्थापक डॉ. माला कपूर ‘गौहर’ ने कहा कि देश विदेश के कवियों, शायरों एवं मीडिया की मोहब्बत की बदौलत एक कक्ष से शुरू हुआ गीत-ग़ज़लों का यह कारवां आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान हासिल कर रहा है। जिसका अगला पड़ाव जल्द ही ‘अंदाज़ ए बयां और’ के रूप में सामने आने वाला है। इस अवसर पर मशहूर शायर सरवर हसन खान को बारादरी की ओर से ‘जीवन पर्यन्त साहित्यिक सृजन सम्मान’ और विपिन जैन एवं अनिमेष शर्मा ‘आतिश’ को ‘बारादरी विशिष्ट सृजन सम्मान’ प्रदान किया गया।
नेहरू नगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में रविवार को आयोजित कार्यक्रम अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा ‘वेद’ ने कहा कि ‘बरादरी’ को गजल के इतिहास के क्षेत्र को संकलित करने का काम भी करना चाहिए। ‘महफ़िल ए बारादरी’ के मुख्य अतिथि फरहान अहसास ने अपने अशआर पर भरपूर दाद बटोरी। रूस से आई कवयित्री श्वेता सिंह ‘उमा’, डॉ. माला कपूर ‘गौहर’, सुरेन्द्र सिंघल, मासूम गाजियाबादी, उर्वशी अग्रवाल ‘उर्वी’, बी. के. वर्मा शैदी, डॉ. तारा गुप्ता, मनोज अबोध, ईश्वर तेवतिया, जगदीश पंकज, ताबिश खैराबादी, वी.के. शेखर, इंद्रजीत सुकुमार, वागीश शर्मा, प्रेम सागर प्रेम, शुभ्रा पालीवाल, संजीव नादान और मनोज शास्वत की रचनाएं भी सराही गईं।
मंच संचालन खुश्बू सक्सेना ने किया। इस अवसर पर आलोक यात्री, के.के. जायसवाल, सत्य नारायण शर्मा, राधारमण, नीलम सिंह, डॉ. सुमन गोयल, अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, फरहत खान, राष्ट्र वर्धन अरोड़ा, तिलक राज अरोड़ा, कविता अरोड़ा, राम प्रकाश गौड़, के.पी. सिंह, शशिकांत भारद्वाज, दीपक श्रीवास्तव ‘नीलपदम’, तेजवीर सिंह, उत्कर्ष गर्ग व सिमरन सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।

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