अशोक कुमार / राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
गाजियाबाद। रयान इंटरनेशनल स्कूल की बस में भीषण आग लग गई। उस वक्त बस में कोई बच्चा नहीं था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन यह कोई नई बात नहीं है। जिले में अधिकांश स्कूल की बसों में मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे अभिभावकों में दहशत है। गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने छात्र -छत्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये बिना फिटनेस और बिना तय मापदंड दौड़ रहे स्कूल वाहनों की जांच कने का मांग की है। साथ ही कहा है कि ऐसे स्कूल संचालकों की एनओसी रद्द की जाए।
गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्य्क्ष सीमा त्यागी का कहना है कि जिलाधिकारी स्कूली वाहन सुरक्षा समिति के अध्य्क्ष हैं। उन्हें तत्काल इस मामले को संज्ञान में लेना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय जनमोर्चा से बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा स्कूली वाहनों के संबंध में समिति गठन व निर्धारित अंतराल पर समीक्षा का प्रावधान किया गया है। लेकिन लंबे समय से बैठक एवं समीक्षा नहीं की गई है। यह बच्चों की सुरक्षा के प्रति उदासीनता है।
उन्होंने कहा कि बिना मानकों के दौड़ रही स्कूल बसों से दुर्घटनाओं में बाढ़ सी आ गई है। स्कूल के वाहन स्टाफ नियम, स्पीड गवर्नर ,सीसीटीवी, अग्निशमन यंत्र आदि में तमाम खामियां पाई जाती हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे फिर से बस वाले और स्कूल संचालक लापरवाही हो जाते हैं। इसके लिए अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए। साथ ही जिला प्रशासन व परिवहन विभाग गंभीरता दिखाए, तभी हम नौनिहालों की सुरक्षा पुख्ता कर पाएंगे।


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