राष्ट्रीय जनमोर्चा। संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस और प्रशासन के अंतर्गत संचालित परिवार परामर्श केंद्र बिखरते रिश्तों और वैवाहिक विवादों को सुलझाने में बेहद कारगर साबित हो रहे हैं। अनुभवी काउंसलर और पुलिस टीम दोनों पक्षों की बातें अलग-साथ सुनकर उनके रिश्तों में आई दूरियों को पाटने का प्रयास करते हैं। शहर के तीन अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले दांपत्य करीब साल भार से गलतफहमियों, आपसी मनमुटाव और विवादों के चलते परेशान थे। अनुभवी काउंसलर और पुलिस टीम ने दोनों पक्षों से बातचीत कर उनके रिश्तों में आई दूरियों को फिर से पाटने में कामयाब हो गए। परिवार परामर्श केंद्र की पहल रंग लाई और तीन बिखरते परिवारों में खुशियां फिर से लौट आईं।
काउंसलर ज्योति सिंह, काउंसलर अमन सिंह और काउंसलर करिश्मा भटनागर के प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी और साथ-साथ रहने का समझौता संपन्न हुआ। काउंसलिंग प्रक्रिया में काउंसलर ज्योति सिंह ने दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने और उनकी बातों को समझने में भूमिका निभाई। अमन सिंह ने आपसी मतभेदों को बातचीत के माध्यम से दूर करने तथा सहमति तक पहुंचने के प्रयास में सहयोग किया। जबकि करिश्मा भटनागर ने दोनों पक्षों के विचारों और समस्याओं को समझते हुए आपसी तालमेल बनाने व सकारात्मक समाधान की दिशा में योगदान दिया। नतीजतन प्रभारी पुष्पा सिंह की मौजूदगी में समझौते की प्रक्रिया पूरी हुई। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति के साथ फिर से एकसाथ रहने का निर्णय लिया है।
इस अवसर पर काउंसलरों ने आपसी संवाद, धैर्य, विश्वास और समझदारी के महत्व पर जोर दिया। क्योंकि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती तकरार, आपसी मनमुटाव और घरेलू विवाद कई बार हंसते-खेलते परिवारों को बिखरने की कगार पर पहुंचा देते हैं। रिश्तों में आई कड़वाहट जब थाने और अदालत तक पहुंचती है, तो उसका असर सिर्फ दंपती पर ही नहीं बल्कि बच्चों और पूरे परिवार पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवार परामर्श केंद्र उचित मार्गदर्शन और बातचीत के माध्यम से पारिवारिक मतभेदों को दूर करने तथा रिश्तों को बेहतर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास कर रहे हैं।


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