सुधांशु श्रीवास्तव / राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
लखनऊ। भारत-पाकिस्तान के बीच आज युद्ध जैसे हालात बन चुके हैं। इस स्थिति में कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर अफवाएं फैलाकर देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी साजिश को नाकाम करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा के मद्देनजर यूपी पुलिस के महानिदेशक प्रशांत कुमार के निर्देश पर ‘स्पेशल-6 टीम’ का गठन किया गया है, जो प्रदेश भर में 24 घंटे सक्रिय रहेगी और सोशल मीडिया पर नजर रखेगी। आप भी सावधान हो जाइए! कुछ भी लिखने या शेयर करने से पहले सोच लीजिए, कहीं वह अफवाह या कोई साजिश तो नहीं है? क्योंकि ऐसा करने वालों की अब खैर नहीं है।
अभिव्यक्ति और आजादी के नाम पर अब आप सोशल मीडिया पर कुछ भी नहीं लिख सकते। कोई भी पोस्ट लिखने और शेयर करने से पहले आपको उसकी सच्चाई परखनी होगी, वरना आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस की छह सदस्यीय ‘स्पेशल-6 टीम’ सोशल मीडिया की निगरानी के लिए ही बनाई गई है। पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार के अनुसार, यह टीम 24 घंटे सोशल मीडिया जैसे- फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर नजर रखेगी। देश विरोधी कंटेंट की पहचान करेगी। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी। फेक न्यूज़ फैलाने वालों को ट्रैक करेगी। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना लोकल पुलिस थानों को देगी और रिपोर्ट तैयार कर उससे उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराएगी।
श्री कुमार के मुताबिक, सोशल मीडिया की आड़ में देश विरोधी एजेंडा चलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभिव्यक्ति की आजादी संविधान का हिस्सा जरूर है पर यह स्वतंत्रता देश की सुरक्षा और अखंडता के खिलाफ नहीं हो सकती। इसलिए हर नागरिक को सोशल मीडिया पर कोई भी कंटेंट शेयर करने से पहले उसकी सत्यता, भावार्थ और प्रभाव को समझना चाहिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा है कि पाकिस्तान का झंडा लगाना, समर्थन या नारा लगाने वाली कोई भी पोस्ट अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ने लोगों से अपील की है कि अगर वे किसी भी ऐसे कंटेंट को देखें, जो देशविरोधी है, फेक न्यूज़ है या पाकिस्तान का समर्थन करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। जागरूक रहें और ट्विटर हैंडल @uppolice या साइबर क्राइम हेल्प लाइन पर भी संपर्क कर सकते हैं।

Leave a Reply