प्रवीण कुमार / राष्ट्रीय जनमोर्चा
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर दूसरे दिन भी शिक्षकों व विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने हेतु मनोविज्ञान विभाग व मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में इम्पैक्ट ऑफ डेली लाइफ स्ट्रेसरस एन्ड मेंटेनिंग रेजीलिएंस विषय पर एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट के अध्यक्ष एवं एलआरएस वर्ल्ड कॉलेज मुरादाबाद के डायरेक्टर डॉ धीरेंद्र कुमार रहे।
डॉ धीरेंद्र कुमार ने बताया कि सामान्य जीवन में हर व्यक्ति को तनाव का सामना करना पड़ता है। यह एक सामान्य प्रतिक्रिया है, परंतु जब हम सामान्य स्थितियों को नकारात्मक ढंग से देखना एवं उन्हें महसूस करना शुरू कर देते हैं तब हमारे शरीर व मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। परिणामस्वरूप छात्र-छात्राओं में पढ़ाई का ठीक से न होना, नींद ठीक से न आना, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना, अपने संबंधों को बरकरार न रख पाना और बेहतर नतीजे न लाने जैसे परिणाम देखने को मिलते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में हमें किसी मनोवैज्ञानिक अथवा व्यावसायिक काउंसलर से मदद लेनी चाहिए।
रेसिलियंस के संबंध में उन्होंने बताया कि यह हमारी वह शक्ति है जिसके द्वारा सामान्य जीवन में आने वाले दबाव पूर्ण परिस्थितियों का सामना हम आसानी से कर पाते हैं एवं कुछ ही समय में सामान्य जिंदगी में हम वापस आ जाते हैं। जोकि हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है। परंतु हम विभिन्न प्रकार के तनाव प्रबंधन विधियों को जानते हैं एवं अपनी जिंदगी में उन्हें प्रयोग करते हैं तो तनाव का प्रभाव हम पर कम पड़ता है। तनाव प्रबंधन हेतु डॉ कुमार ने छात्र-छात्राओं को कई प्रकार की एक्सरसाइज करवाई। साथ ही योग और प्राणायाम का प्रयोग करने के लिए सलाह दी।
विभागाध्यक्ष प्रो संजय कुमार ने बताया कि आज मानसिक स्वास्थ्य के विषय में हम सभी को सबसे ज्यादा बात करने की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन एमए की छात्रा संजना देशवाल ने किया। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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