कमलेश तिवारी की पत्नी को जान से मारने की धमकी

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता
लखनऊ। हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के मामले के बाद अब उनकी पत्नी किरण तिवारी पर खतरा मंडराने लगा है। आठ दिन पहले 14 नवंबर को आवास पर मिला एक लिफाफा खोलने पर कमलेश तिवारी की पत्‍नी हैरान रह गई। नौ पन्ने के पत्र में दो पन्‍नों पर उर्दू भाषा में जान से मारने की धमकी लिखी थी। अनुवाद करने पर धमकी का पता चला। मामले में किरण तिवारी ने नाका थाने में महाराष्ट्र के लातूर मुडख़ेड़ ताल्लुका स्थित शिवाजी चौक गणेश नागो आप्टे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की छानबीन में लगी है। साथ ही कमलेश तिवारी की पत्नी की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
इंस्पेक्टर नाका सुजीत कुमार दुबे के मुताबिक, धमकी के बाद कमलेश तिवारी की पत्नी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। धमकी भरा पत्र कहां से आया इसकी अभी जांच की जा रही है। उधर, पकड़े गए दोनों मुख्य हत्यारोपितों अशफाक और मोइनुद्दीन को नेपाल के धनगढ़ी स्थित अपने घर में शरण देने वाले तनवीर की तलाश के लिए पुलिस की एक टीम भेजी गई है। तनवीर की गिरफ्तारी के लिए नेपाल उच्चायोग की मदद ली जा रही है। तनवीर समेत दो और मददगारों की पुलिस तलाश कर रही है। अशफाक और मोइनुद्दीन के खून से सने कपड़ों की अभी फोरेंसिक रिपोर्ट भी नहीं आई है। इसके अतिरिक्त सूरत भेजी गई पुलिस टीम ने मिठाई दुकानदार व उनके स्टाफ के बयान दर्ज कर लिए हैं, यहीं से दोनों हत्यारोपितों ने मिठाई खरीदी थी।
हत्‍याकांड मामले में अब तक 13 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इनमें नाम शूटर अशफाक, मोइनुद्दीन, साजिशकर्ता शेख सलीम, राशिद पठान, फैजान, आसिम अली, मोहम्मद जाफर सादिक व मददगार नावेद, मौलाना मुफ्ती कैफी, कामरान, रईस, आसिफ और यूसुफ खान हैं। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों को नेपाल में रुकवाने में तनवीर नाम के व्यक्ति ने अहम भूमिका निभाई थी।
दरअसल, नाका के खुर्शेदबाग इलाके में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी परिवारीजनों के साथ रहते थे। घर में ही उन्होंने कार्यालय बना रखा था। 18 अक्टूबर की दोपहर भगवा कुर्ता पहने बदमाश हाथ में मिठाई का डिब्बा लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी से मिलने उनके घर में बने कार्यालय पहुंचे। बातचीत कर साथ में चाय पी, उसके बाद मिठाई के डिब्बे में छिपाकर लाए असलहा व चाकू निकालकर घटना को अंजाम दिया था। सबसे पहले हमलावरों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को गोली मारी उसके बाद ताबड़तोड़ चाकू से 15 से ज्यादा गले पर वार किए। गले पर गोली और चाकू के निशान मिले थे।
कमलेश के कार्यालय पर मिला मिठाई का डिब्बा सूरत का निकला। कॉल डिटेल के आधार पर यूपी पुलिस ने गुजरात एटीएस से संपर्क किया था। गुजरात एटीएस ने सूरत से कमलेश की हत्या की साजिश में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। तीनों से पूछताछ में हत्या करने वाले शेख अशफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन अहमद के नाम भी पता चल गए थे। इसके बाद से से एटीएम और लखनऊ पुलिस समेत कई अन्य सुरक्षा एजेंसियां हत्यारोपितों की तलाश में जुट गई थीं।
यही नहीं आरोपितों की नेपाल में दो अन्य लोगों ने मदद की थी। तीन मददगार नेपाल में अंडरग्राउंड हो गए हैं। तीनों लोगों को पकडऩे के लिए एसआइटी और एसटीएफ नेपाल पुलिस के संपर्क में। एसआईटी और एसटीएफ की एक टीम जल्द तीनों को पकडऩे के लिए नेपाल जाएगी। तीनों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में और लोगों के नाम व उनकी भूमिका के बारे में पता चलने की उम्मीद है। यूपी पुलिस इस पूरे नेटवर्क को पकडऩे में जुटी हुई है।

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