विवेक श्रीवास्तव
सुल्तानपुर। इलाहाबाद हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोविंद माथुर ने सभी जनपद न्यायाधीशों को आदेश दिया है कि 27 अप्रैल तक अदालतें न खोली जाएं क्योंकि कोविड 19 के संक्रमण से हालात अभी नाजुक हैं। उन्होंने 18 अप्रैल को पारित अपने ही आदेश को 24 घण्टे में स्थगित दिया है। इस आशय की जानकारी रजिस्ट्रार जनरल न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव ने सभी जिला न्यायालयों, राजस्व अदालतों और एमए सिटी कोर्ट को भेजी हैं।
गौर तलब है कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के पहले से ही दीवानी अदालतें बन्द हैं। 9 अप्रैल को चीफ जस्टिस ने एक गाइडलाइंस जारी करके लॉक डाउन के बाद 15 अप्रैल से अदालतें खोलने का आदेश दिया था जिसमें सोशल डिस्टेंसिन्ग और मास्क सेनिटाइजेशन का सख्ती से पालन करने को कहा गया था। साथ ही मुवक्किलों व वकीलों को कोर्ट में न जाने, जरूरत पर केवल लिखित बहस करने और मुकदमों में एडवर्स आर्डर की बजाय केवल अगली तारीख देने के निर्देश के साथ केवल अर्जेंट मामलों की सुनवाई करने के आदेश दिए गये थे। लेकिन 14 को जब लॉक डाउन बढ़ा कर 3 मई तक कर दिया गया तब उसका प्रभाव निरस्त हो गया। अचानक 18 अप्रैल को पूर्व में दिए निर्देशो के साथ 20 अप्रैल से जिला अदालतों के खुलने का आदेश आया। अभी इस पर अमल कीतैयारी चल ही रही थीं कि चीफ जस्टिस के नए आदेश से सब पर विराम लग गया।

Jay Hind.