गरीब बच्चों में शिक्षा का ‘नया सवेरा’

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता

गाजियाबाद। सामाजिक संस्था ‘नया सवेरा सोसायटी’ ने एक बैठक आयोजित कर निर्णय लिया है कि वह शीघ्र ही गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले खासकर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को साक्षर करेगी। इसके लिए संस्था की एक टीम शीघ्र ही महानगर में सर्वे कर यह सुनिश्चित करेगी कि गरीब बच्चों को शिक्षित करने के लिए नगर में कहां स्कूल खोला जाए, जिससे अधिक से अधिक बच्चे आसानी से वहां पहुंच सकें और उन्हें संस्था द्वारा चलाए जाने वाले नि:शुल्क शिक्षा अभियान का लाभ प्राप्त हो सके।
नेहरूरनगर में रविवार, 23 फरवरी को आयोजित बैठक में नया सेवरा की अध्यक्ष डॉ कमलेश भारद्वाज और सचिव व वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन के अलावा उपाध्यक्ष डॉ एसके भारद्वाज भी मौजूद रहे। अध्यक्ष डॉ कमलेश ने इस मौके पर कहा कि शिक्षा पर सभी का अधिकार है और यह सरकार का कर्तव्य है कि वह देश के हर बच्चे को मुफ्त में अच्छी शिक्षा मुहैया करवाएं। वे कहती हैं कि शिक्षा ही एक ऐसी चीज है जो किसी का भी जीवन स्तर बदल सकती है, शिक्षा एक व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है, उसको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है और उस व्यक्ति से जुड़े सभी लोगों को इससे फायदा पहुंचता है। इसलिए सरकार और लोगों को चाहिए कि वे सब देश में शिक्षा के विस्तार के लिए आगे आएं और अपना योगदान दें।
संस्था के सचिव जितेन्द्र बच्चन ने कहा कि शिक्षा आज के दौर में सबसे जरूरी है। समाज के निचले तबके के लोगों के बच्चे आज भी अच्छी शिक्षा से वंचित रह जाते है। उनमें हीन भावना उत्पन्न होती है और वह गलत दिशा पर चलने लगते हैं। नया सवेरा संस्था ऐसे गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षित करेगी उनके जीवन में नया सवेरा लाएगी। उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च संस्था उठाएगी, ताकि ये बच्चे शिक्षित होकर समाज को नई दिशा देने का काम कर सकें।
संस्था की कोषाध्यक्ष प्रीतिका बच्चों को पढ़ाती ही नहीं हैं, बल्कि वे उनका ओवरऑल डेवलपमेंट भी करना चाहतीं हैं। वे विभिन्न इवेंट्स करवाती हैं, जिससे बच्चो का कॉन्फीडेंस लेवल बढ़े और वे चीजों को और बेहतर तरीके से सीखें-समझें। बैठक में संस्था की उप सचिव संगीता पाठक और कार्यकारी सदस्य रिपु मर्दन पाठक भी उपस्थित रहे।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*