मानवेन्द्र कुमार
नईदिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा है कि दिल्ली में 62 फीसदी प्रिंसिपल एडहॉक पर हैं और 48 फीसदी स्कूलों में टीचर नहीं हैं। ऐसे में यहां क्या शिक्षा दी जाती होगी, आप अनुमान लगा सकते हैं।
इंटीग्रेटेड चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित सेकेंड नेशनल एजुकेशन एक्सलेंट कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मीनाक्षी लेखी ने कहा कि आज दिल्ली में शिक्षा का स्तर पता लगाया जा सकता है। जहां प्रीसिंपल और टीचर की कमी हो तो वहां एजुकेशन कैसे पूरी की जा सकती है। केवल कमरे बनाकर कुछ हासिल नहीं हो सकता है। यह भी तय है कि इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है, लेकिन शिक्षा के विकास के लिए प्रीसिंपल और टीचर अहमियत रखते हैं।
मीनाक्षी लेखी ने कहा कि आज कहा जा रहा है कि कई इलाके पढ़ाई में पिछड़े हैं तो इसका यह मतलब भी है कि वह क्षेत्र आर्थिक रूप से भी पिछड़ा है। जिसे आगे लाने के लिए केंद्र सरकार प्राइमरी जरूरतों को पूरा कर रही है। सरकार ने शिक्षा को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कई तरह के बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि आज भी देशी शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है, जिससे हमारा आधार मजबूत हो।
मीनाक्षी लेखी ने सीईजीआर द्वारा आयोजित इंडियन एजुकेशन फेस्टिवल की मैगजीन का लोकार्पण भी किया। इंटीग्रेटेड चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित इस खास कांक्लेव को संबोधित करते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडेशन के चेयरमैन प्रो केके अग्रवाल ने कहा कि आज शिक्षा में गुणवत्ता लाने की जरूरत है। चाहे वह प्राइवेट हो या सरकारी क्षेत्र। पुराने जमाने में कोई रेगुलेटर एथोरिटी नहीं होती थी, लेकिन शिक्षा का स्तर बहुत ऊंचा होता था। शोभित यूनिवर्सिटी के चांसलर कुंवर विजेंद्र शेखर ने कहा कि आज रूलर एरिया में शिक्षा के विस्तार की जरूरत है, जिसके लिए यूनिवर्सिटी को नहीं सरकार को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए।
आईआईएचएमआर के वाइस चांसलर प्रो पंकज गुप्ता ने कहा कि आज हमारी जरूरत है कि हम सभी मिलकर शिक्षा पर कार्य करें। इस मौके पर एआईसीटीई के एडवाइजर प्रो. आर हरिहरन ने कहा कि एआईसीटीई ने कई कदम उठाए हैं, जिसका आज प्रतिफल देखने को मिल रहा है। अब जब नई शिक्षा नीति आ रही है तो ऐसे में कई बदलाव भी आपको दिखेंगे।
सीबीसीई के डायरेक्टर विश्वजीत साहा एएएफटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ संदीप मारवाह आईईसी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. अभय कुमार, हिमालयन ग्रेवाल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर एनके सिन्हा कैपिटल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो एमके वाजपेयी, प्रेसटिज ग्रुप ऑफ इंड्रस्ट्रीज डॉ डैविस जैन, सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ संजय बी चौरडिया, एएसएम ग्रुप ऑफ इंस्ट्रीट्यूट के चेयरमैन डॉ संदीप पंचपांडे, स्प्रींगर नेचर के एमडी संजीव गोस्वामी, जीएलबजाज के डायरेक्टर प्रो. अजय कुमार ने भी कांक्लेव को संबोधित किया। इस मौके पर देश भर के विद्वजन ने अपने विचार रखे और मुख्य अतिथि से कौतूहल भर प्रश्नों का जवाब भी जाना।


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