नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने देश दुनिया में तबाही मचा रखी है। भारत में भी इस गंभीर बीमारी के कारण दो बार लॉकडाउन किया गया है। पहले लॉकडाउन को पूरा करने के बाद 15 अप्रैल से दूसरी बार इसे सरकार द्वारा लागू कर कोरोना के संक्रमण की चेन को तोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में लोग अपने घरों में कैद हैं, वहीं कुछ लोगों की तस्वीर आई है जो बेघर हैं और यमुना के पुल के नीचे फिलहाल दिन काट रहे हैं। यह सूचना मिलते ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यमुना घाट पर मजदूर इक_ा हुए हैं। उनके लिए रहने और खाने की व्यवस्था कर दी गई है। उन्हें तुरंत शिफ़्ट करने के आदेश दे दिए हैं। खबर लिखने तक पता चला है कि कुछ प्रवासी कामगार जो कश्मीरी घाट पर जमा हैं, उन्हें फल और अन्य खाने का सामान देकर शेल्टर होम्स में शिफ्ट किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के कई सरकारी स्कूलों में शेल्टर होम्स चल रहे हैं, जहां लोगों को रहने के साथ खाने की व्यवस्था कर दी है। भीड़ जमा होने से लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन हुआ था वैसा ही नजारा आज यहां यमुना के किनारे नजर आया। यहां लोग शारीरिक दूरी का ख्याल नहीं रख रहे थे। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों से घरों में ही रहने, बार-बार हाथ धोने जैसी तमाम अपील के बीच यह एक वर्ग ऐसा भी है जिसके लिए राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के ऊपर बना पुल ही छत है। चारों तरफ फैले कचरे और बदबू के बीच यह लोग समय काट रहे थे। जिन्हें अब शेल्टर होम में सुरक्षित रखा जा रहा है।


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