देशद्रोह केस में पाक के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को फांसी की सजा

इमरजेंसी लगाने के जुर्म में हुआ सजा का ऐलान

-31 मार्च, 2014 को दोषी ठहराए गए थे मुशर्रफ

इस्‍लामाबाद।पाकिस्‍तान की एक विशेष अदालत ने पाकिस्तान के पूर्व राष्‍ट्रपति परवेज मुशर्रफ को राजद्रोह के मामले में दोषी करार देते हुए उन्‍हें मौत की सजा सुनाई है। पेशावर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ की अध्‍यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। बीते पांच दिसंबर को विशेष अदालत ने सरकार की दलीलें सुनने के बाद कहा था कि वह केस में 17 दिसंबर को अपना फैसला देगी। इससे पहले अदालत ने निर्देश दिया था कि 76 वर्षीय मुशर्रफ पांच दिसंबर तक इस मामले में आकर अपना बयान दर्ज कराएं लेकिन उन्‍होंने ऐसा नहीं किया था।

पाकिस्‍तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब सेना प्रमुख के पद पर रहे किसी शख्‍स को राजद्रोह के मामले में अदालत की ओर से सजा-ए-मौत सुनाई गई है। पेशावर हाईकोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश वकार अहमद सेठ की अध्‍यक्षता वाली विशेष अदालत की तीन सदस्‍यीय पीठ ने दो-एक से 76 वर्षीय मुशर्रफ के खिलाफ यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 48 घंटों में फैसले की पूरी कॉपी आने की संभावना है। लाहौर हाई कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व राष्‍ट्रपति मुशर्रफ की याचिका पर सुनवाई के लिए फुल बेंच के गठन की संस्‍तुति की। इस याचिका में विशेष अदालत के गठन को चुनौती देने के साथ ही राजद्रोह मामले की सुनवाई के साथ-साथ केस की कार्यवाही रोके जाने की गुजारिश की गई है। गौर करने वाली बात यह है कि विशेष अदालत ने अपना फैसला इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट के उन निर्देशों के बावजूद दिया है, जिनमें मुशर्रफ के खिलाफ परोक्ष तौर पर निर्णय नहीं सुनाए जाने की बात कही थी।

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