पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन की मुख्यमंत्री से पत्रकार हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच की मांग

राष्ट्रीय जनमोर्चा संवाददाता

एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन ने की घटना की कड़ी निन्दा

गाजियाबाद। पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन (रजि.) के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन ने पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या की घटना की कड़ी निन्दा की है। उन्होंने बुधवार को इस मामले पर दु:ख और क्षोभ व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 50 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता और जोशी परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ घटना की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि विगत एक वर्ष में प्रदेश में पत्रकारों पर हमले, और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की अनेकों घटनाएं हुई हैं। इस दौरान पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन ने कई बार शासन को पत्र लिखा, लेकिन दुर्भाग्य है कि कभी किसी मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। बच्चन ने कहा है कि यदि सरकार ने इस बार भी उपेक्षा दिखाई तो पत्रकार खामोश नहीं बैठेंगे।

उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई को कुछ बदमाशों ने दैनिक जनसागर टुडे के संवाददाता विक्रम जोशी की गोली मार दी थी। उन्हें नेहरूनगर स्थित यशोदा अस्पताल मेें दाखिल कराया गया था, जहां आज बुधवार की तडक़े पत्रकार विक्रम जोशी ने दम तोड़ दिया। जोशी को विजयनगर इलाके में स्कूटी सवार बदमाशों ने सोमवार को सिर में गोली मारी थी। इस सिलसिले में मंगलवार तक पुलिस ने कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया था और चौकी इंचार्ज प्रताप विहार को निलंबित कर दिया गया है।

विजयनगर बाईपास निवासी विक्रम जोशी सोमवार रात माता कॉलोनी निवासी बहन के घर गए थे। रात करीब 10.30 बजे वहां से आते समय कुछ बदमाशों ने उन पर हमला बोल दिया। एक बदमाश ने तमंचा सिर से सटाकर गोली मार दी। परिजनों के मुताबिक विक्रम जोशी के परिवार की एक लडक़ी के साथ छेड़छाड़ हुई थी। इस संबंध में थाने में नामजद शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर आरोपित पीडि़त पक्ष को लगातार धमकी दे रहे थे। विक्रम जोशी इस मामले की पुलिस में पैरवी कर रहे थे। इसी बात को लेकर बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो शायद आज यह घटना न होती लेकिन पुलिस इस मामले में लापरवाह बनी रही। पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, जिससे देाषी पुलिसकर्मी भी बेनकाब हो सकें।
उधर इस बीच गाजियाबाद जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने विक्रम जोशी के आश्रितों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी तथा बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने का आश्वासन दिया है। लेकिन एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा है कि आर्थिक सहयता कम से कम 50 लाख रुपये दी जाए। साथ ही इस मामले में जिन पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती है, उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए। घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

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