सुधांशु श्रीवास्तव
- मुख्यमंत्री ने दिए 10 लाख, पीडब्ल्यूए के अध्यक्ष ने इसे बताया नाकाफी
नई दिल्ली। बलिया उत्तर प्रदेश के पत्रकार रतन कुमार सिंह की हत्या के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार के लिए 10 दस लाख रुपये सहायता राशि की घोषणा की है। लेकिन पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र बच्चन ने इसे नाकाफी बताते हुए आश्रित परिवार के लिए 50 लाख रुपये की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने सरकार से पत्रकार के हत्यारोपियों को तत्तकाल गिरफ्तार करने, पत्नी को नौकरी देने और उनके बच्चों की पूरी शिक्षा का इंतजाम करने की मांग भी की है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार, 23 अगस्त की रात करीब पौने नौ बजे बलिया के फेफना निवासी पत्रकार रतन कुमार सिंह (40) की दस बदमाशों ने घेरकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। एसपी देवेंद्र नाथ ने इस मामले में चार टीमें गठित कर बदमाशों को पकड़ने की जिम्मेदारी दी है लेकिन मंगलवार की दोपहर तक महज छह बदमाशों को ही गिरफ्तार किया है। चार आरोपियों की तलाश जारी है। इसके साथ ही एसपी ने फेफना थाना प्रभारी शशिमौली पांडेय को निलंबित कर दिया है।
मंगलवार को राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि पत्रकार रतन कुमार सिंह की हत्या से दु:खी हूं। इस घटना की जितनी भी निंदा की जाय कम है। शुक्ल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दस लाख रुपये की सहायता की घोषणा की है। प्रदेश सरकार रतन सिंह के परिवार के साथ खड़ी है। घटना के समय फेफना के एसओ रहे इंस्पेक्टर के खिलाफ भी जांच की जाएगी।
राज्य मंत्री शुक्ल ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से इसे मामले में बात कर उनसे सहायता राशि बढ़ाने और रतन सिंह की पत्नी को नौकरी देने के लिए मांग करूंगा। वहीं पत्रकार की हत्या से पूरे प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश है। परिवार में पिता, तीन बच्चे हैं और उनकी पत्नी प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा प्रमुख मायावती ने इस घटना को लेकर कहा है कि उत्तर प्रदेश राज्य में हर दिन अपराध दर बढ़ रही है। अब स्थिति आ गई है जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ, हमारे मीडिया कर्मियों को लक्षित किया जा रहा है। यह घटन दर्शाती है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति दयनीय है।
हत्या का पत्रकारिता से संबंध नहीं: उप्र पुलिस
बलिया में फेफना थाना क्षेत्र में 42 साल के रतन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार थे। परिजनों का आरोप है कि गांव के प्रधान प्रतिनिधि का भाई सोनू उन्हें अपने साथ बुलाकर ले गया था और प्रधान के घर में उनकी हत्या की गई। परिवार वालों ने यह भी बताया कि प्रधान और कुछ लोगों से उनकी पुरानी रंजिश चली आ रही थी, बीच में सुलह-समझौता भी हुआ था
दूसरी तरफ बलिया के एसपी देवेंद्रनाथ ने बताया है कि हत्या की वजह पट्टीदारी का झगड़ा है। डीआईजी आजमगढ़ सुभाष चंद्र दुबे ने भी कहा कि हत्या का पत्रकारिता से लेना-देना नहीं है, बल्कि ये जमीनी विवाद का मामला है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। फिलहाल, पत्रकार रतन सिंह की हत्या से जिले में हड़कंप मचा हुआ है।


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